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2 लाख से सीधे आधी हुई चांदी, गोल्ड भी लगातार क्रैश! अभी और गिरेंगे दाम? जानिए बाजार का पूरा गणित

MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई. चांदी ₹15,087 और सोना ₹5,768 तक टूटने के बाद निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर है.

Gold-Silver

Gold-Silver Rate: अगर आप इन दिनों शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है. घरेलू वायदा बाजार (MCX) से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक में आई भारी गिरावट के बाद निवेशकों के मन में एक ही सवाल है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है, या भाव अभी और नीचे जाएंगे? आपकी इसी दुविधा को दूर करने के लिए आइए जानते हैं बाजार के जानकारों की क्या राय है और आपको इस वक्त क्या कदम उठाना चाहिए.

चांदी की कीमतों में सबसे बड़ा कोहराम(Silver Price Crash)

बीते हफ्ते घरेलू वायदा बाजार में बिकवाली का ऐसा आंधी-तूफान चला कि रिकॉर्ड तोड़ती चांदी अचानक धराशायी हो गई.

चांदी का हाल: MCX पर चांदी का भाव एक झटके में ₹15,087 (यानि 7.14%) तक टूट गया, जिससे यह ₹2 लाख के आंकड़े से नीचे फिसलकर ₹1.96 लाख प्रति किलो पर आ गई. कॉमेक्स पर भी वैश्विक चांदी करीब 6 फीसदी लुढ़ककर 53.95 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई.

सोने का हाल: दिसंबर डिलीवरी वाला सोना भी करीब 4 फीसदी (₹5,768) की बड़ी गिरावट के साथ ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम पर सिमट गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार (Comex) में भी सोना 4.14 फीसदी लुढ़ककर 4,007.9 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया.

क्यों गिर रहा सोने-चांदी का भाव?(Gold-Silver Rate)

कीमती धातुओं में अचानक आई इस सुनामी के पीछे दो बड़े विलेन काम कर रहे हैं. पहला, ब्रेंट क्रूड ऑयल का 115-117 डॉलर के पार पहुंच जाना, जिसने दुनिया भर में महंगाई का नया खतरा पैदा कर दिया है. जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखते हैं, जिससे निवेशक सोना-चांदी छोड़कर बॉन्ड और डॉलर की तरफ भागने लगते हैं.

अभी खरीदें या थोड़ा इंतजार करें?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि खेल (Gold-Silver Rate) अभी खत्म नहीं हुआ है. 27-28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक इस बात की दिशा तय करेगी कि बाजार में आगे क्या होगा. इस हफ्ते अमेरिकी फेड के अलावा यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान के फैसले, साथ ही अमेरिका की जीडीपी और महंगाई के आंकड़े जारी होने वाले हैं.

वहीं यदि फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाया, तो डॉलर और मजबूत होगा और इसका सीधा मतलब यह है कि सोने और चांदी के दाम अभी और अधिक गोता लगा सकते हैं…

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-भारत एक्सप्रेस



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