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Gold Price Fall China: दुनिया भर में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद चीन के सबसे बड़े गोल्ड ट्रेडिंग हब में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. हालात ऐसे हैं कि सर्राफा बाजारों में लोग सब्जी मंडी की तरह खरीदारी करने पहुंच रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में करेक्शन के बाद सोने के दामों में आई कमी से ग्राहकों को खरीदारी का शानदार मौका मिला है. चीनी ब्रांड्स द्वारा दाम घटाए जाने के बाद शुइबेई मार्केट में रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिल रही है.
चीन के बाजारों में उमड़ी भीड़
दुनिया भर में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है, और खासकर सोने का भाव बुरी तरह टूटा है. इस कीमती पीली धातु के दाम कम होने का सबसे बड़ा असर चीन में देखने को मिल रहा है, जहां सर्राफा बाजारों में रिकॉर्ड भीड़ उमड़ पड़ी है. बाजारों का नजारा ऐसा हो गया है मानो लोग किसी सब्जी मंडी में खरीदारी करने पहुंचे हों.
I have posted Shuibei video for a few years, but have never seen so much traffic on a weekend. Reports in Chinese media are saying the market is so busy that staff do not even have time for lunch
The price pull back is attracting people with hard demand (eg wedding) to come out shopping during this dip
— David Lee (@DavidLe76335983) October 25, 2026
शुइबेई गोल्ड मार्केट में मची सोने की होड़
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के शेनजेन स्थित शुइबेई गोल्ड मार्केट में भारी भीड़ इंटरनेशनल बुलियन की कीमतों में तेज करेक्शन के बाद देखने को मिली है. स्पॉट गोल्ड साइकोलॉजिकली जरूरी 4,000 डॉलर प्रति औंस के लेवल से नीचे आ गया और 3,995.63 डॉलर पर बंद हुआ. चीनी सोशल मीडिया पर शेयर हो रही तस्वीरों और वीडियो में सर्राफा बाजारों की गलियों में खरीदारों की भारी भीड़ साफ देखी जा सकती है.
चीनी ब्रांड्स ने घटाए ज्वैलरी के दाम
सोने की कीमतों में गिरावट का असर चीन के ज्वैलरी मार्केट पर भी तुरंत दिखाई दिया. कई बड़े ज्वैलरी ब्रांड्स ने सोने के गहनों की कीमतों में 6 से 12 युआन प्रति ग्राम की कमी कर दी है. शेनजेन का शुइबेई मार्केट होलसेलर, रिटेलर और आम खरीदारों को एक साथ लाता है, जिससे यह सोने की बड़ी रेंज ढूंढने वाले लोगों के लिए मुख्य केंद्र बन जाता है.
क्यों मची है चीन में सोने को खरीदने की होड़?
विशेषज्ञों के अनुसार, तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का जोखिम बढ़ा दिया है और यह आशंका भी है कि यूएस फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को उच्च स्तर पर बनाए रख सकता है. लंबे समय तक ऊंचे वैक्यूएशन के बाद कीमतों में आई यह गिरावट उन ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन मौका लेकर आई है जिन्होंने पहले खरीदारी टाल दी थी.
-भारत एकसप्रेस
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