Anant Singh Bail: मोकामा से विधायक अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को पटना हाई कोर्ट से मिली जमानत को रद्द कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई और याचिकाकर्ता के आरोप
जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना वी वराले की बेंच ने सभी पक्षों की जिरह के बाद यह निर्देश दिया है. अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्या मामले में पटना हाई कोर्ट से जमानत मिली थी. याचिकाकर्ता और दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने आरोप लगाया है कि पटना हाई कोर्ट ने अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया. राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर अनंत सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए उनके खिलाफ दर्ज हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसे मुकदमें की जानकारी दी है.
हलफनामे में चार्जशीट और आपराधिक इतिहास का खुलासा
हलफनामे में कहा गया है कि दुलारचंद यादव हत्याकांड की पुलिस जांच में अनंत सिंह और कुछ अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए है. इसमें जांच के दौरान एसडीपीओ और एसपी स्तर पर की गई निगरानी का भी उल्लेख किया गया है. साथ ही, जनवरी 2026 में अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जाने की जानकारी दी गई है. दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को गिरफ्तार के जेल भेज दिया गया था. हालांकि जेल में रहते हुए भी उन्होंने विधानसभा का चुनाव में जीत दर्ज की थी. मार्च 2026 में पटना हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आए थे.
2025 विधानसभा चुनाव और दुलारचंद यादव हत्याकांड की पृष्ठभूमि
यह मामला साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान का है. उस समय मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में अनंत सिंह का आरोप लगे थे और बाद में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था. घटना के दिन दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में मोकामा टाल इलाके में प्रचार कर रहे थे. इसी दौरान उनका सामना अनंत सिंह के काफिले से हुआ था. दुलारचंद अपने इलाके के दबंग माने जाते थे.
-भारत एक्सप्रेस
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