आंगनबाड़ी में बच्चों को मिलेगा बेहतर भोजन
UP News: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर चल रही हॉट कुक्ड मील योजना को और मजबूत कर रही है. सरकार का लक्ष्य सिर्फ गर्म भोजन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि बच्चों को मिलने वाला खाना पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित हो. इसी को ध्यान में रखते हुए भोजन परोसने से पहले उसकी जांच की व्यवस्था तय की गई है.
खाने की गुणवत्ता जांचने का तय हुआ नियम
नई व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में तैयार किए गए भोजन को बच्चों तक पहुंचाने से पहले कम से कम दो वयस्क व्यक्तियों द्वारा परखा जाएगा. ये लोग भोजन का स्वाद चखकर और उसकी गुणवत्ता देखकर यह सुनिश्चित करेंगे कि खाना तय मानकों के अनुरूप है. इस कदम से भोजन वितरण प्रक्रिया में अतिरिक्त सतर्कता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी.
रोस्टर के आधार पर होगी निगरानी
सरकार ने भोजन की जांच को व्यवस्थित बनाने के लिए रोस्टर प्रणाली लागू की है. इसके अंतर्गत रसोइया या माता समिति से जुड़े सदस्य निर्धारित क्रम के अनुसार भोजन की गुणवत्ता की जांच करेंगे. इससे यह स्पष्ट रहेगा कि किस दिन किस व्यक्ति ने भोजन का निरीक्षण किया. ऐसी व्यवस्था से निगरानी मजबूत होगी और गुणवत्ता को लेकर जिम्मेदारी भी तय रहेगी.
खाद्यान्न की गुणवत्ता पर विशेष नजर
हॉट कुक्ड मील योजना में सिर्फ तैयार भोजन ही नहीं, बल्कि उसके लिए इस्तेमाल होने वाले खाद्यान्न पर भी ध्यान दिया जा रहा है. कोटेदार से प्राप्त अनाज के लिए उत्तम गुणवत्ता यानी ए-क्लास या एफएक्यू मानकों का पालन जरूरी किया गया है. इसके अलावा भोजन पकाने से पहले अनाज की अच्छी तरह सफाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि बच्चों को स्वच्छ और बेहतर भोजन उपलब्ध कराया जा सके.
संतुलित आहार से बेहतर होगा शारीरिक विकास
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के शुरुआती वर्षों में पौष्टिक और संतुलित भोजन उनके शारीरिक विकास की बुनियाद तैयार करता है. इसी वजह से भोजन की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया को योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है. सरकार चाहती है कि बच्चों तक पहुंचने वाला हर भोजन पोषण संबंधी मानकों पर खरा उतरे.
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रिकॉर्ड रखरखाव से बढ़ेगी पारदर्शिता
इस पूरी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए निरीक्षण से जुड़े रिकॉर्ड का नियमित रखरखाव भी किया जाएगा. रोस्टर के अनुसार हुई जांच, खाद्यान्न की गुणवत्ता और निरीक्षण संबंधी जानकारियों को दर्ज किया जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि निर्धारित नियमों का सही तरीके से पालन होने पर हॉट कुक्ड मील योजना का लाभ बच्चों तक और बेहतर ढंग से पहुंचेगा तथा पोषण की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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