AIIA-iCAINE के 6 साल पूरे
नई दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) ने अपने बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर AIIA-iCAINE का छठा स्थापना दिवस मनाया. इस मौके पर आयुर्वेद और आधुनिक तकनीक को एक मंच पर लाने की दिशा में कई अहम पहल की गईं. कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर की आयुर्वेद AI चुनौती की शुरुआत की गई, कई रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, आयुर्वेद के लिए विशेष IPR सुविधा शुरू की गई और उद्यमिता तथा डिज़ाइन थिंकिंग से जुड़ी कार्यशालाओं का आयोजन भी किया गया.
छह वर्षों की उपलब्धियों पर डाला गया प्रकाश
AIIA के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी.के. प्रजापति ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि AIIA-iCAINE लगातार आयुर्वेद क्षेत्र में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और उद्योग-शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर काम कर रहा है. उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान और अनुसंधान को ऐसे उत्पादों, सेवाओं और समाधानों में बदलना है जो समाज के लिए उपयोगी साबित हों.
52 समस्याओं पर काम, 100 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग
प्रो. प्रजापति ने बताया कि पिछले छह वर्षों के दौरान इनक्यूबेशन सेंटर ने आयुर्वेद क्षेत्र से जुड़े 52 समस्या विवरणों पर सक्रिय सहयोग प्रदान किया है. इसके अलावा 100 से ज्यादा स्टार्टअप आइडियाज को परामर्श और मार्गदर्शन दिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि नौ स्टार्टअप्स को प्रत्येक 3 लाख रुपये की सीड फंडिंग उपलब्ध कराई गई, जिससे उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिली.
राष्ट्रीय आयुर्वेद AI चैलेंज हुआ लॉन्च
कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण ‘आयुषटेक इनोवेट: नेशनल ओपन आयुर्वेद AI चैलेंज’ का शुभारंभ रहा. इस पहल को टेकफेस्ट IIT बॉम्बे, आयुष मंत्रालय और AIIA के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य आयुर्वेद क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुरक्षित, भरोसेमंद और पारदर्शी समाधान विकसित करने को बढ़ावा देना है.
आयुषपरम मॉडल के जरिए विकसित होंगे समाधान
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में IIT बॉम्बे द्वारा विकसित ओपन-सोर्स आयुर्वेद लार्ज लैंग्वेज मॉडल ‘आयुषपरम’ का उपयोग किया जाएगा. इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से शोधकर्ता और प्रतिभागी आयुर्वेदिक चिकित्सा, शास्त्रीय ग्रंथों से जानकारी खोजने, उपचार योजना बनाने, अनुसंधान कार्य और जनस्वास्थ्य जागरूकता जैसे क्षेत्रों में तकनीकी समाधान तैयार करेंगे.
दिसंबर में होगा ग्रैंड फिनाले
इस राष्ट्रीय AI चुनौती का अंतिम चरण 15 से 18 दिसंबर 2026 के बीच IIT बॉम्बे परिसर में आयोजित किया जाएगा. आयोजकों के अनुसार यह मंच युवाओं, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को आयुर्वेद और AI के क्षेत्र में नई संभावनाओं की खोज का अवसर देगा.
दो महत्वपूर्ण MoU पर हुए हस्ताक्षर
AIIA-iCAINE ने आयुर्वेद अनुसंधान और उसके व्यावसायिक उपयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर किए. इन समझौतों के जरिए शोध, नवाचार और उद्योग जगत के साथ सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है.
आयुर्वेद में AI को बढ़ावा देगा नया मंच
वर्ल्ड आयुर्वेद फाउंडेशन (WAF) के साथ हुए समझौते के तहत ‘AI in Ay – Secretariat for Artificial Intelligence in Ayurveda’ की स्थापना की जाएगी. यह मंच आयुर्वेद में AI आधारित अनुसंधान, स्टार्टअप्स और नवाचार को बढ़ावा देने का कार्य करेगा. इसके तहत संयुक्त शोध परियोजनाएं, CSR आधारित योजनाएं, वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण कार्यक्रम, हैकाथॉन और इनक्यूबेशन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा. साथ ही WAF के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का लाभ उठाकर आयुर्वेद में AI के जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा.
रिलायंस रिटेल के साथ नई साझेदारी
रिलायंस रिटेल लिमिटेड (पहाड़ी लोकल) के साथ हुए समझौते का उद्देश्य पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक स्किनकेयर उत्पादों में बदलना है. इस साझेदारी में AIIA विशेषज्ञ फॉर्मुलेशन संबंधी मार्गदर्शन देगा, जबकि रिलायंस रिटेल उत्पाद विकास, परीक्षण, निर्माण और बाजार में उतारने की जिम्मेदारी संभालेगा. इससे आयुर्वेद आधारित उत्पादों के व्यावसायीकरण को नई गति मिलने की उम्मीद है.
आयुर्वेद नवाचारों की सुरक्षा के लिए IPR सुविधा
कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद के लिए विशेष बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) सुविधा की शुरुआत भी की गई. इसका उद्देश्य शोधकर्ताओं, नवाचारकर्ताओं और उद्यमियों को यह समझाना है कि उनके विचार और आविष्कार कानूनी रूप से कैसे सुरक्षित किए जा सकते हैं. यह पहल नए उत्पादों और तकनीकों के विकास को भी प्रोत्साहित करेगी.
उद्यमियों के लिए आयोजित हुई कार्यशाला
स्थापना दिवस के अवसर पर आयुर्वेद आधारित उद्यमों को मजबूत बनाने के लिए विशेष क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई. इसमें ब्रांडिंग, मूल्य निर्धारण रणनीतियों और डिज़ाइन थिंकिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई. रिलायंस रिटेल लिमिटेड की सुश्री जेसिका ने ब्रांडिंग पर मास्टरक्लास दी, जबकि AIIA-iCAINE के CEO सुजीत एरणेझाथ ने मूल्य निर्धारण और डिज़ाइन थिंकिंग से जुड़े सत्रों का संचालन किया.
स्टार्टअप्स और छात्रों के लिए कई विशेष पहल
कार्यक्रम में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH) से जुड़ा जानकारी सत्र भी आयोजित किया गया. इसके अलावा टेकफेस्ट हैकाथॉन का शुभारंभ, ‘Ayupreneur: A Beginner’s Glossary’ का विमोचन और SIH 2025 के विजेताओं को अनुदान राशि वितरण जैसे आयोजन भी हुए.
विशिष्ट अतिथियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम की शुरुआत इनक्यूबेशन प्रमुख डॉ. अरुण कुमार महापात्र के स्वागत संबोधन से हुई. मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) श्रीनिवास प्रसाद बुडुरु उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता AIIA के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी.के. प्रजापति ने की. समापन AIIA-iCAINE के CEO सुजीत एरणेझाथ के धन्यवाद ज्ञापन और नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ.
भारत का पहला सार्वजनिक आयुर्वेद बिजनेस इनक्यूबेटर
गौरतलब है कि AIIA-iCAINE की स्थापना 29 अक्टूबर 2021 को आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में की गई थी. यह देश का पहला सार्वजनिक क्षेत्र का आयुर्वेद बिजनेस इनक्यूबेटर है. इसका मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद आधारित उत्पादों, सेवाओं और स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, उद्योग सहयोग और संस्थागत साझेदारी के माध्यम से आगे बढ़ाना है. पिछले छह वर्षों में यह केंद्र आयुर्वेद नवाचार, स्टार्टअप विकास और उद्यमिता को मजबूत करने वाले एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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