अमित शाह का राहुल गांधी पर बड़ा हमला,
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए पंजाब की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि राज्य में जल्द चुनाव होने वाले हैं और आने वाले समय में पंजाब में भी एनडीए की सरकार बनेगी. शाह ने मंच से मौजूद लोगों से एनडीए की जीत के समर्थन में जोरदार आवाज बुलंद करने की अपील की.
राहुल गांधी की रैली की तारीख पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में अमित शाह ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA ब्लॉक की महारैली को लेकर भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जिस दिन सिख समुदाय के लिए दर्दनाक यादें जुड़ी हुई हैं, उसी दिन राजनीतिक रैली आयोजित करना उचित नहीं माना जा सकता. शाह ने इसे सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया.
1984 दंगों को किया याद
गृह मंत्री ने कहा कि 1 नवंबर केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं है, बल्कि यह दिन देश के इतिहास की एक दुखद घटना से भी जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1984 को हुए दंगों में बड़ी संख्या में सिखों की जान गई थी. हजारों लोगों की हत्या की गई, कई परिवार उजड़ गए और अनेक लोगों को अपना घर-बार छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा. शाह ने कहा कि उस हिंसा ने अनगिनत बच्चों को अनाथ और महिलाओं को विधवा बना दिया था.
राजीव गांधी के बयान का किया जिक्र
अमित शाह ने अपने भाषण में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस चर्चित बयान का भी उल्लेख किया, जो 1984 के दंगों के बाद काफी विवादों में रहा था. उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं वह बयान टेलीविजन पर देखा था और आज तक उसे भूल नहीं पाए हैं. शाह ने कहा कि हजारों लोगों की मौत के बाद उस घटना की जिस तरह व्याख्या की गई थी, उसे देश कभी नहीं भूल सकता.
मोदी सरकार के कदमों का किया उल्लेख
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनी, तब 1984 दंगों से जुड़े मामलों की दोबारा जांच शुरू कराई गई. उन्होंने बताया कि कई पुराने मामलों को फिर से खोला गया और दंगा पीड़ितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का काम किया गया. साथ ही, मामले से जुड़े कई प्रमुख आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई.
राहुल गांधी पर साधा तीखा निशाना
अमित शाह ने कहा कि बीजेपी ने पहले ही कांग्रेस से अपील की थी कि 1, 2 और 3 नवंबर को राजनीतिक रैली आयोजित न की जाए, क्योंकि ये तारीखें सिख दंगों की स्मृतियों से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद राहुल गांधी और उनकी पार्टी ने कार्यक्रम की तारीख नहीं बदली.
विदेश से निर्देश मिलने का लगाया आरोप
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर संवेदनशीलता नहीं दिखाई. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने आग्रहों को नजरअंदाज किया और उसी दिन कार्यक्रम करने पर अड़े रहे. गृह मंत्री ने दावा किया कि पार्टी पर बाहरी प्रभाव भी काम कर रहा था. उन्होंने पंजाब और सिख समाज की भावनाओं का हवाला देते हुए कांग्रेस की आलोचना की और कहा कि लोग इस बात को लंबे समय तक याद रखेंगे.
बीजेपी ने भी बोला हमला
इसी राजनीतिक विवाद के बीच बीजेपी ने सोशल मीडिया पर भी INDIA ब्लॉक की महारैली को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी. पार्टी की ओर से जारी एक पोस्ट में विपक्षी गठबंधन की रैली को ‘ठगों का मेला’ बताया गया. ऐसे में दिल्ली की रैली को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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