Prayagraj Film Festival 2026: प्रयागराज में आयोजित तीन दिवसीय इंटरनेशनल प्रयागराज फिल्म फेस्टिवल 2026 का समापन 1 नवंबर को एमएनआईटी ऑडिटोरियम में हुआ. फिल्म, कला और संस्कृति को समर्पित इस आयोजन में देशभर से फिल्मकारों, कलाकारों और सिनेमा प्रेमियों ने हिस्सा लिया. समापन समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे.
‘कवन कसूर’ को मिला विशेष सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से आमंत्रित फिल्म ‘कवन कसूर’ को सम्मानित किया गया. भारत एक्सप्रेस के निदेशक एवं ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधेश्याम राय और फिल्म की निर्माता वंदना राय को यह सम्मान प्रदान किया गया. यह सम्मान कार्यक्रम में मौजूद विशिष्ट अतिथियों ने उन्हें प्रदान किया.
फिल्म और कला जगत की हस्तियों की मौजूदगी
डॉ. संजय मासूम, फिल्म समीक्षक दीपक दुआ और अभिनेता सुशील सिंह ने मंच पर सम्मान प्रदान किया. उनकी मौजूदगी ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया. कार्यक्रम में फिल्म और साहित्य जगत से जुड़े कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए.
क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने की पहल
मधुबाला फिल्म्स की ओर से आयोजित इस फिल्म महोत्सव का उद्देश्य हिंदी सिनेमा के साथ-साथ भोजपुरी, अवधी, बुंदेली और ब्रज जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को मंच देना था. आयोजकों के अनुसार इस वर्ष उन्हें करीब 81 फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें से विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया.
तीन अलग-अलग स्थानों पर हुए आयोजन
फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत 30 और 31 अक्टूबर को होटल प्रयाग इन में हुई थी. इसके बाद 1 नवंबर को एमएनआईटी ऑडिटोरियम में समापन समारोह का आयोजन किया गया, जहां विजेताओं का सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं.
केशव मौर्य ने की फिल्मकारों की सराहना
अपने संबोधन में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने फिल्म निर्माता आलोक मालवीय की तारीफ की. उन्होंने कहा कि जिस तरह ‘हनुमान अंश’ देशभर में सफलता हासिल कर रही है, उसी तरह प्रयागराज और महाकुंभ की पृष्ठभूमि पर बनी आलोक मालवीय की फिल्म ‘कुंभ का संगम’ भी वैश्विक स्तर पर पहचान बनाएगी. उन्होंने फिल्म को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी जताया.
पद्मश्री सम्मानित हस्तियों ने दिए पुरस्कार
फेस्टिवल के विजेताओं को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित नलिनी अस्थाना और कमलिनी अस्थाना ने ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान किए. उनके साथ गीतकार, पटकथा लेखक डॉ. संजय मासूम और अभिनेता सुशील सिंह भी पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल रहे.
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कार्यक्रम में फिल्मी गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी विशेष आयोजन किया गया. गंगा आरती, प्रयागराज का पारंपरिक ढेड़िया नृत्य तथा बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्र के लोक नृत्यों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया.
इन फिल्मों और कलाकारों को मिला सम्मान
फिल्म ‘बुद्ध के चार धाम’ के लिए दीपक राय को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार दिया गया. इसके अलावा ‘भूरी’, ‘यशोमती मैया का नंदलाला’, ‘धूर्त’, ‘हर घर शुद्ध जल’, ‘किताब’, ‘बिट्टू’ और ‘बैंड बाजा और सितारा’ जैसी फिल्मों और परियोजनाओं को भी विभिन्न श्रेणियों में सराहा गया.
धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में डॉ. गरिमा कुशवाहा ने सभी अतिथियों, फिल्मकारों, कलाकारों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया. इस मौके पर कई गणमान्य अतिथि और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.
आयोजन समिति ने निभाई अहम भूमिका
मधुबाला फिल्म्स के अध्यक्ष आलोक मालवीय, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. अमित त्रिपाठी और संतोष तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया. तीन दिनों तक चले इस महोत्सव ने न सिर्फ फिल्मों को मंच दिया, बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा और सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान दिलाने का काम किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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