धनतेरस पर भूलकर भी किसी को न दें ये 3 चीजें (AI जनरेटेड फोटो)
Dhanteras 2026: हिंदू धर्म में धनतेरस को धन, स्वास्थ्य और खुशहाली से जुड़ा बेहद शुभ पर्व माना जाता है. पंचांग के मुताबिक साल 2026 में धनतेरस का त्योहार 6 नवंबर, शुक्रवार को पड़ेगा. इस दिन मां लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की पूजा करने की परंपरा है. मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने और शुभ वस्तुओं की खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है.
खरीदारी की परंपरा का है खास महत्व
धनतेरस के अवसर पर लोग अपने घरों में नई चीजें खरीदकर लाने को शुभ मानते हैं. सोना, चांदी, बर्तन और झाड़ू जैसी वस्तुओं की खरीदारी इस दिन बड़े पैमाने पर की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ चीजें घर लाना शुभ माना जाता है, वहीं कुछ वस्तुओं को दूसरे लोगों को देना या उनका लेनदेन करना उचित नहीं समझा जाता. ऐसी मान्यताएं पीढ़ियों से चली आ रही हैं और आज भी कई परिवार इनका पालन करते हैं.
धनतेरस पर नमक देने से क्यों बचते हैं लोग?
लोक मान्यताओं में नमक को केवल खाने की चीज नहीं, बल्कि सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना गया है. कई घरों में धनतेरस के दिन साबुत नमक या सेंधा नमक खरीदने की परंपरा निभाई जाती है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन घर में नमक लाने से बरकत बनी रहती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. वहीं धार्मिक मान्यता यह भी कहती है कि धनतेरस के दिन किसी दूसरे व्यक्ति को नमक देना या उसका लेनदेन करना शुभ नहीं माना जाता. माना जाता है कि इससे घर की आर्थिक स्थिरता और सकारात्मक माहौल पर असर पड़ सकता है.
धारदार वस्तुएं उपहार में देने की नहीं है सलाह
धनतेरस के दिन चाकू, कैंची, सुई या अन्य नुकीली और धारदार वस्तुएं किसी को भेंट करने से भी परहेज करने की परंपरा है. लोक विश्वास के अनुसार, ऐसी चीजें अलगाव और कटाव का प्रतीक मानी जाती हैं. इसी वजह से कई लोग इस शुभ अवसर पर इन वस्तुओं का आदान-प्रदान करने से बचते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से रिश्तों में दूरियां या अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है और घर की शांति प्रभावित हो सकती है. यदि किसी प्रियजन को उपहार देना हो तो धारदार सामान के बजाय कोई अन्य शुभ और उपयोगी वस्तु देना बेहतर माना जाता है.
घी और तेल का लेनदेन भी नहीं माना जाता शुभ
धनतेरस और दिवाली के दौरान घी और तेल का विशेष धार्मिक महत्व रहता है. पूजा-अर्चना, दीप प्रज्ज्वलन और कई धार्मिक अनुष्ठानों में इनका उपयोग किया जाता है. यही कारण है कि इन्हें घर की समृद्धि और शुभता से भी जोड़ा जाता है. मान्यता के अनुसार, धनतेरस के दिन घी या तेल किसी दूसरे व्यक्ति को देना, उधार देना या दान करना उचित नहीं माना जाता. माना जाता है कि ऐसा करने से घर की सुख-समृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. इसी कारण कई परिवार इस दिन घी और तेल अपने घर से बाहर देने से बचते हैं.
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परंपराओं के पीछे छिपा है समृद्धि का संदेश
धनतेरस से जुड़ी ये मान्यताएं धार्मिक आस्था और लोक परंपराओं का हिस्सा हैं. इसी वजह से कई परिवार इस दिन नमक, धारदार वस्तुएं और घी-तेल जैसी चीजों का लेनदेन करने से बचते हैं. मान्यता है कि इन बातों का ध्यान रखने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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