बिहार के मसौढ़ी कोर्ट हॉल्ट पर बंधी भैंस
Bihar News: बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक है. बिहार और देश के सभी बड़े नेता बार-बार बिहार के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और जनता को लॉलीपॉप देने में लगे हुए हैं. लेकिन बिहार में रेलवे की हालत क्या है, इसपर ना तो कोई नेता जवाब दे रहा है ना ही जनता पूछ रही है. बिहार में सच में रेलवे की हालत कैसी है अगर ये जानना हो तो एक बार पटना से गया जाने वाली ट्रेन पकड़िए और मसौढ़ी कोर्ट हॉल्ट पर उतर जाइये. कहने को तो ये एक रेलवे हॉल्ट है, लेकिन हाल देखकर लगेगा कि ये कोई रेलवे स्टेशन नहीं बल्कि गांव का तबेला हो.
यहां प्लेटफॉर्म पर यात्री नहीं गाय-भैंसें बंधी मिलती हैं. स्टेशन की शेड के नीचे लोग नहीं मवेशी चारा चबाते नजर आते हैं. यात्रियों के बैठने की जगह मवेशियों के आरामगाह में बदल गई है.
गोबर का साम्राज्य फैला है चारों तरफ
जो लोग यहां पहली बार उतरते हैं उनका गोबर की महक से स्वागत होता है. प्लेटफॉर्म पर हर ओर गोबर फैला है. जिसकी वजह से यात्रियों को फिसलने का भी खतरा रहता है. लोग मुंह पर रुमाल बांधकर जैसे-तैसे ट्रेन से उतरते हैं.

उपले भी प्लेटफॉर्म पर ही सूखाए जा रहे हैं
सिर्फ मवेशी ही नहीं, बल्कि यहां उपले भी शान से प्लेटफॉर्म पर सूखाए जा रहे हैं. पूरा स्टेशन देसी रूरल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में तब्दील हो गया है. ऐसा लगता है रेलवे ने इस हॉल्ट को गांव वालों के सुपुर्द कर दिया है.
प्रशासन और रेलवे सो रहा है
स्थानीय लोगों की शिकायत है कि कई महीनों से यही हाल है लेकिन कोई कुछ नहीं कर रहा. न रेलवे के अफसर आते हैं, न पुलिस. अब जब ये खबर सामने आई, तो जीआरपी की नींद टूटी. जीआरपी अधिकारी का कहना है कि जानकारी मिली है, पुलिस भेजी गई है. जो भी गाय-भैंस बांध रहे हैं, उन पर कार्रवाई होगी.
अब देखना है कि प्रशासन जागता है या फिर आने-जाने वाली ट्रेनों में अब भैंसें ही टिकट न काटने लगे.
– भारत एक्सप्रेस
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