Jacobin Cuckoo Chatak Bird Facts: हमारी प्रकृति में कई ऐसे जीवों की प्रजातियां पाई जाती हैं, जो काफी अनोखी है. ऐसा ही एक पक्षी है, जो अपनी अनूठी आदतों के कारण जाना जाते हैं. इस पक्षी का नाम चातक पक्षी है. इसे हम हिंदी में पपीहा के नाम से और अंग्रेजी में जैकोबिन कोयल के नाम से जानते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि ये पक्षी काफी स्वाभिमानी है, क्योंकि ये जमीन पर उपलब्ध पानी नहीं पीता, बल्कि आसमान से गिरने वाली बारिश की बूंदों से ही प्यास बुझाता है.
जानिए क्यों खास है चातक पक्षी?
चातक पक्षी का वैज्ञानिक नाम Clamator jacobinus है. ये पक्षी एशिया और अफ्रीका के कई हिस्सों में पाए जाते हैं. भारत में ये अक्सर बारिश के मौसम में देखने को मिलते हैं. इनकी आवाज मधुर और अनोखी होती है. जानकारों के अनुसार, ये पक्षी इतना स्वाभिमानी है कि ये साफ झील, तालाब या नदी का पानी नहीं पीता. ये बारिश का इंतजार करता है और इसी की बूंदें पीता है. खास बात ये है कि ये आसमान में उड़ान के दौरान ही बारिश की बूंदों को ग्रहण करता है.
इनका संरक्षण बहुत जरूरी
अगर चातक पक्षी के खाने की बात करें, तो ये मुख्य रूप से कीड़े-मकोड़े ही खाता है. हालांकि ये कभी-कभी फल भी खाते नजर आते हैं. चातक पक्षी की एक खास बात ये भी है कि ये अपना अंडा खुद नहीं सेता. अपना अंडा खुद सेने के बजाय ये चुपके से अपने अंडे दूसरे पक्षियों के घोंसले में डाल देता है. इस तरह चातक प्रकृति का एक अनोखा परजीवी पक्षी भी है. क्योंकि चातक बड़ी चालाकी से अपने बच्चों की परवरिश का जिम्मा कौए और बुलबुल जैसे दूसरे पक्षियों पर छोड़ देता है.
चातक पक्षी जैसे अनोखे जीवों को लेकर पर्यावरणविदों का कहना है कि इनका संरक्षण बहुत जरूरी है. बढ़ते शहरीकरण और जंगलों की कटाई के कारण इन पक्षियों का प्राकृतिक आवास खतरे में है.
भारतीय साहित्य में स्थान
चातक पक्षी का स्वाभिमान को भारतीय साहित्य और संस्कृति में भी विशेष स्थान दिया गया है. इसे कविताओं और कहानियों में शामिल किया जाता है. पक्षी विज्ञानी डॉ. रमेश शर्मा के अनुसार, “चातक पक्षी की यह आदत प्रकृति के संतुलन और अनुशासन को दर्शाती है. यह हमें सिखाता है कि अपने सिद्धांतों पर अडिग रहना कितना महत्वपूर्ण है.”
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-भारत एक्सप्रेस
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