Aajab Gajab: केरल में सरकारी नौकरी की प्रक्रिया से जुड़ा एक हैरान करने वाला किस्सा सामने आया है. मलप्पुरम जिले के रहने वाले अब्दुल मजीद को 18 साल बाद अप्वाइंटमेंट लेटर मिला, लेकिन तब तक उनकी उम्र रिटायरमेंट की सीमा पार कर चुकी थी.
परीक्षा और लंबा इंतजार
मजीद ने 2005 में केरल लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी थी. अंशकालिक कनिष्ठ भाषा शिक्षक (अरबी) के पद के लिए उनका नाम मेरिट लिस्ट में दूसरे स्थान पर था. लेकिन भर्ती की प्रक्रिया लगातार अटकी रही. 2008 में रैंक लिस्ट की वैधता खत्म हो गई और उम्मीदवारों की उम्मीदें भी टूट गईं.
देर से मिला नियुक्ति पत्र
26 अप्रैल 2026 को त्रिशूर लोक सेवा आयोग कार्यालय से उन्हें नियुक्ति पत्र मिला. इसमें तीन महीने के भीतर ज्वाइन करने का निर्देश था. लेकिन जन्मतिथि रिकॉर्ड के मुताबिक उनकी उम्र 60 साल हो चुकी थी. मजीद का कहना है कि यह लेटर 2010 में जारी होना चाहिए था, लेकिन 16 साल बाद मिला.
प्रशासनिक लापरवाही का आरोप
मजीद ने कहा कि यह मामला लालफीताशाही और नौकरशाही की देरी का नतीजा है. पद इतने सालों तक खाली रहा और भर्ती की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हुई. उन्होंने इसे घोर प्रशासनिक लापरवाही बताया.
जन्मतिथि में गड़बड़ी
मजीद का दावा है कि उनकी हाईस्कूल मार्कशीट में जन्मतिथि 27 मई 1966 दर्ज है, जबकि असली जन्मतिथि 27 मई 1967 है. अगर यह सुधार हो जाए तो उन्हें कम से कम एक साल नौकरी करने का मौका मिल सकता है.
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राहत की उम्मीद
उन्होंने राजस्व मंत्री के जरिये शिक्षा मंत्री से गुहार लगाई है कि जन्मतिथि की गलती सुधारी जाए. परिवार और पड़ोसियों ने भी इस मामले में उनका साथ दिया है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस लंबे इंतजार के बाद उन्हें थोड़ी राहत दे पाता है या नहीं.
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-भारत एक्सप्रेस
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