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‘साली से करा दूंगा शादी, बस…’, एमपी में बोर्ड परीक्षा कॉपियों में पास करानें के लिए पर्चियों में अनोखी रिश्वत

एमपी बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान ग्वालियर में अजीबोगरीब मामले सामने आए हैं. छात्रों ने पास होने के लिए कॉपियों में 500 के नोट रखने से लेकर साली से शादी कराने और ब्रेकअप तक के किस्से लिखे हैं

UP Board Result 2026 Withheld Students

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Ajab Gajab: ग्वालियर में इन दिनों बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन चल रहा है, लेकिन कॉपियां जांचने वाले शिक्षक इस समय पशोपेश में हैं. उनके सामने उत्तर पुस्तिकाओं में जवाबों की जगह जो कुछ निकलकर आ रहा है, वह हैरान करने वाला भी है और मजेदार भी. दरअसल, मध्य प्रदेश बोर्ड के हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के छात्र-छात्राओं ने पास होने के लिए कॉपियों के अंदर ‘इमोशनल कार्ड’ से लेकर रिश्वत के लालच तक, हर पैंतरा आजमा लिया है. मूल्यांकन केंद्र पर जब शिक्षकों ने कॉपियां खोलीं, तो उनमें से 500 के नोट, लव लेटर और यहां तक कि शादी के अनोखे प्रस्ताव भी मिले. किसी ने अपनी मजबूरी का रोना रोया है, तो किसी ने अपनी साली से टीचर की शादी करवाने का ही वादा कर दिया है.

रिश्वत के साथ रिश्तों का भी दिया लालच

मूल्यांकन केंद्र पर तैनात शिक्षकों की मानें तो इस बार करीब 100 से अधिक कॉपियों में ऐसी गुहारें मिली हैं जिनका पढ़ाई से दूर-दराज तक कोई नाता नहीं है. एक छात्र ने तो सारी हदें पार करते हुए अपनी कॉपी में लिखा कि अगर सर आप उसे पास कर देते हैं, तो वह अपनी साली से उनकी शादी करवा देगा.

वहीं कई कॉपियों में 500 रुपये के नोट चिपके हुए पाए गए. इतना ही नहीं, कुछ स्मार्ट छात्रों ने तो कॉपी के अंदर अपना मोबाइल नंबर लिख दिया और शिक्षक से अनुरोध किया कि वे उन्हें फोन करें ताकि वे ऑनलाइन पेमेंट (UPI) के जरिए सीधे रिश्वत भेज सकें. ताज्जुब की बात ये है कि इस तरह के संदेश लिखने वालों में छात्राओं की संख्या अच्छी-खासी रही है.

बीमारी से लेकर ब्रेकअप तक के बहाने

कॉपियों में सिर्फ पैसों का लालच ही नहीं था, बल्कि भावनाओं का ऐसा समंदर उमड़ा कि टीचर्स भी दंग रह गए. एक छात्रा ने अपनी कॉपी में लिखा कि अगर वह इस साल फेल हो गई, तो उसकी शादी टूट जाएगी. एक दूसरे छात्र ने अपनी प्रेम कहानी का दुखड़ा सुनाते हुए लिखा कि गर्लफ्रेंड ने उससे ब्रेकअप कर लिया है, जिसके सदमे में वह साल भर पढ़ाई नहीं कर पाया.

वहीं, कुछ शादीशुदा छात्राओं ने गुहार लगाई कि अगर वे फेल हुईं, तो उनके पति उन्हें प्रताड़ित करेंगे. लगभग 23 कॉपियां ऐसी थीं जिनमें छात्रों ने अपने माता-पिता को कैंसर या किसी अन्य गंभीर बीमारी होने का दावा किया और लिखा कि वे अस्पताल के चक्कर काटते रहे, इसलिए परीक्षा की तैयारी नहीं कर सके.

नियमों के आगे फेल हुए छात्रों के पैंतरे

ग्वालियर के शिंदे की छावनी स्थित मूल्यांकन केंद्र के प्रिंसिपल जितेंद्र सिंह आजाद ने पुष्टि की है कि छात्रों के इन अजीबोगरीब मैसेज से मूल्यांकन प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ा है. शिक्षकों ने इन इमोशनल अपीलों को पूरी तरह नजरअंदाज किया और केवल उत्तरों के आधार पर ही नंबर दिए हैं. असल में, बोर्ड की ओर से लागू की गई QR कोड प्रणाली ने छात्रों की सारी चालबाजियों पर पानी फेर दिया है. इस सिस्टम की वजह से छात्रों को ये पता ही नहीं चल पाता कि उनकी कॉपी किस शहर या किस केंद्र पर जांची जा रही है.

ग्वालियर जिले में इस बार करीब 49 हजार छात्र परीक्षाओं में शामिल हुए थे और मूल्यांकन का काम अब अंतिम चरण में है. अधिकारियों का कहना है कि रिजल्ट की तैयारी पूरी हो चुकी है और 12 अप्रैल तक परिणाम घोषित किए जा सकते हैं. बोर्ड ने साफ कर दिया है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और ऐसी कोशिशें करने वाले छात्रों को केवल निराशा ही हाथ लगेगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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