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‘डॉग बाबू’ के बाद ‘सोनालिका ट्रैक्टर’ का प्रमाण पत्र, जानिए मां-बाप, पता और चेहरा?

Bihar Viral News: बिहार में इन दिनों फर्जी प्रमाण पत्रों का बरसात हो रही है. डॉग बाबू के बाद अब सोनालिका ट्रैक्टर का निवास प्रमाण पत्र जारी हुआ है. जानिए चेहरा किसका है और माता-पिता कौन हैं?

Bihar Viral News Sonalika Tractor Certificate

'डॉग बाबू' के बाद अब 'सोनालिका ट्रैक्टर'

Bihar Viral News: बिहार आए दिन अपने अजब-गजब कारनामों के लिए खबरों में बना रहता है. पिछले कुछ समय से प्रदेश में मानों फर्जी प्रमाण पत्रों का चलन बन गया है. कभी कुत्ते, कभी गाड़ियों तो कभी फोन फंक्शन के नाम पर प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाते हैं. कुछ दिनों पहले ही डॉग बाबू के नाम पर प्रमाण पत्र जारी हुआ था. इसके बाद बिहार के प्रशासनिक सिस्टम का जमकर मजाक बना था. हालांकि, इसके बाद भी कोई सर्कता नहीं आई और अब सोनालिका ट्रैक्टर के नाम पर निवास प्रमाण पत्र जारी हो गया. सबसे खास बात यह कि इसमें माता-पिता का नाम और चेहरे की पहचान चौंकाने वाली है.

बिहार में निवास प्रमाण पत्र (Bihar Residence Certificate) के आवेदनों में फर्जीवाड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाल ही में सोनालिका ट्रैक्टर नाम से एक आवेदन सामने आया है, जिसमें भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा की तस्वीर लगी हुई है. आवेदन में पिता का नाम स्वराज ट्रैक्टर और माता का नाम कार देवी लिखा गया है, और पता पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी का है.

  • नाम सोनालिका ट्रैक्टर है.
  • पिता का नामस्वराज ट्रैक्टर है.
  • माता का नाम कार देवी है.
  • पता बिहार के पूर्वी चंपारण का मोतिहारी है.
  • कोटवा अंचल कार्यालय के नाम से सबमिट हुआ है.
  • रहने का स्थान खेत बताया गया है.

आवेदन की जांच और कार्रवाई

आवेदन की जांच के दौरान यह मामला पकड़ में आया, जिससे प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई. मोतिहारी के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने तत्काल आवेदन की पहचान कर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए और आवेदन को रद्द कर दिया गया.

तेजस्वी यादव ने खड़े किए सवाल

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (Bihar Leader of Opposition) और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार के ऑनलाइन प्रमाण पत्र सिस्टम की निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में गवर्नेंस नाम की कोई चीज नहीं है और सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है.

पहले भी आया था ऐसा मामला

प्रदेश का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई ऐसे प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं या फिर प्रमाण पत्र के लिए आवेदन आए हैं. कुछ दिन पहले पटना में डॉग बाबू के नाम पर एक कुत्ते का निवास प्रमाण पत्र बनाया गया था. इस मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई थी और प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया था.

निवास प्रमाण पत्र का महत्व

निवास प्रमाण पत्र एक व्यक्ति के पहचान का महत्वपूर्ण दस्तावेज है. हाल ही में चुनाव आयोग ने बिहार में कराए गए वोटर लिस्ट रिवीजन अभियान में रेसिडेंस सर्टिफिकेट को मंजूर दस्तावेजों की सूची में शामिल किया था. ऐसे में भले ही लोग इन घटनाओं को मजाक बना रहे हैं लेकिन यह चुनावों के लिहाज से काफी गंभीर मुद्दा है.



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