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गुजरात की रहस्यमयी पहाड़ी तुलसीश्याम, यहां आकर बदल जाता है गुरुत्वाकर्षण का नियम, बंद गाड़ी भी चढ़ने लगती है पहाड़ी

तुलसीश्याम, गुजरात की एक रहस्यमयी पहाड़ी, जहां गुरुत्वाकर्षण के नियम काम नहीं करते. गाड़ी खुद ऊपर चढ़ने लगती है. यहां भगवान श्रीकृष्ण का 3,000 साल पुराना मंदिर भी है. दुनिया भर के पर्यटक इसे देखने आते हैं.

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Zero Gravity Hill: भारत में कई जगहें हैं जो अपनी रहस्यमयी घटनाओं और अजीबोगरीब प्राकृतिक फेनोमिना के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं. ऐसी ही एक जगह है गुजरात की तुलसीश्याम पहाड़ी. यह जगह सामान्य नजर आती है, लेकिन यहां का अनुभव कुछ अलग ही है. यहां आते ही ऐसा लगता है कि गुरुत्वाकर्षण के नियम ही बदल गए हों.

गुजरात की रहस्यमयी पहाड़ी

तुलसीश्याम का नाम पौराणिक कथा से जुड़ा हुआ है. ऐसा कहा जाता है कि द्वापर युग में भगवान कृष्ण ने इस स्थान पर तूल नामक एक आतंककारी दानव का वध किया था. उसी कहानी के कारण इस जगह का नाम तुलसीश्याम पड़ा. यहां भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर है, जिसकी उम्र लगभग 3,000 साल है और इसे काले पत्थर से बनाया गया है.

तुलसीश्याम अमरेली और गिर सोमनाथ जिले की सीमा पर स्थित है, और यह गिर राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा भी है. इस जगह की खासियत सिर्फ मंदिर नहीं है. यहां एक गर्म पानी का झरना भी है, जिसे औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है. स्थानीय लोग इसे कई बीमारियों और शारीरिक तकलीफों के लिए फायदेमंद मानते हैं.

गुरुत्वाकर्षण का रहस्य

तुलसीश्याम का सबसे बड़ा रहस्य है यहां का “जीरो ग्रेविटी” अनुभव. ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति यहां गाड़ी रोकता है, तो वह सामान्य तरीके से रुके बिना पहाड़ी की चोटी की ओर ऊपर चढ़ने लगती है. इस अनोखी घटना को देखने के लिए सालभर देश-विदेश से लोग आते हैं.

वैज्ञानिक और पर्यटक इसे एक अनोखी भौतिक घटना मानते हैं, जबकि स्थानीय लोग इसे रहस्यमयी और आध्यात्मिक बताते हैं. तुलसीश्याम अकेली जगह नहीं है, दुनिया में ऐसे और भी कई स्थान हैं, जैसे स्कॉटलैंड में द इलेक्ट्रिक बै, अमेरिका में प्रोसेर, ऑस्ट्रेलिया में ब्लैक रॉक और कैलिफोर्निया में कंफ्यूजन हिल.

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क्यों होता है ऐसा?

कई लोग इसे स्वर्ग की ओर खींचे जाने के समान बताते हैं. कुछ इसे काले साए या किसी अज्ञात दानवी शक्ति का नतीजा मानते हैं, जबकि वैज्ञानिक अभी तक इस घटना की पूरी व्याख्या नहीं कर पाए हैं. सटीक कारण रहस्य ही बना हुआ है, जो हर आने वाले पर्यटक को सोचने पर मजबूर कर देता है कि क्या सच में गुरुत्वाकर्षण के नियम यहां बदल जाते हैं?

तुलसीश्याम रहस्य और आध्यात्मिकता का केंद्र है, यह यात्रियों और वैज्ञानिकों दोनों के लिए एक चुनौती भी पेश करता है. कौन जानता है, इस पहाड़ी के रहस्य के पर्दे के पीछे कौन सी अनकही कहानी छुपी हुई है.
यह जगह अपने आप में एक पहेली है, जो देखने वाले को हैरान और चकित कर देती है. अगर आप भी गुजरात घूमने जाएं, तो तुलसीश्याम को अपनी सूची में जरूर शामिल करें, शायद आप भी उस रहस्य का हिस्सा बन जाएं.

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-भारत एक्सप्रेस



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