महापौर नहीं स्थाई समिति पर नजर लगी है भाजपा की!
आज भले ही हर और चर्चा हो रही है कि दिल्ली नगर निगम में महापौर आम आदमी पार्टी का बनेगा या भाजपा का. लेकिन असली लड़ाई महापौर नहीं बल्कि स्थाई समिति पर कब्जे की है. क्योंकि नगर निगम में तमाम वित्तीय फैसले इसी समिति से मंजूर होते हैं. ऐसे में जो यहां जीत हासिल करेगा, वही निगम का असली मालिक बनेगा.
राज्यों ने पुलिस आधुनिकीकरण का 71 फीसदी पैसा खर्च ही नहीं किया
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा संसद में दी गई जानकारी में सबसे चौंकाने वाली स्थिति दिल्ली की है.
जिमखाना क्लब के पूर्व सचिव जेपी सिंह पर फर्जी दस्तावेजों से सदस्यता लेने का आरोप
क्लब सूत्रों की मानें तो सर्वोच्च न्यायालय के सितम्बर 2021 के आदेशों की अवमानना कर क्लब के हजारों सदस्यों के मूल दस्तावेजों को षड्यंत्र के तहत नष्ट कर दिया गया है.
कोरोना की नई लहर से कितना डर?
चीन में कोविड की नई लहर आने के पीछे वहाँ के बुरे प्रबंधन और वैक्सीन की गुणवत्ता है. यदि समय रहते चीन ने इस महामारी का सही से प्रबंधन किया होता तो यह प्रकोप दुनिया भर में नहीं फैलता.
अध्यापकों को भी मिले ग्रेच्युटी की रकम
स्कूल प्रशासन ने 11 नवम्बर 2022 को, मामले की सुनवाई की पहली तारीख़ पर ही ग्रेच्युटी देने की माँग को स्वीकार लिया और मामला रद्द करने की अपील की.
‘डेविस कप घोटाले’ में पूर्व कांग्रेसी और भाजपा नेता को जिमखाना के निदेशकों ने दी क्लीन चिट, उठे सवाल
गौरतलब है कि आम सभा की बैठक बुलाने का फैसला सरकारी निदेशकों ने क्लब सदस्यों की पहल के बाद लिया गया है. क्लब के 30 वरिष्ठ सदस्यों ने क्लब को ईमेल भेजकर आपातकालीन आम सभा बुलाने की मांग की थी.
सदस्यों का सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे जिमखाना के निदेशक
Gymkhana Club: क्लब सदस्यों के अनुसार जनरल कमेटी ने हिसाब-किताब में बीते साल 20 करोड़ रुपए का घाटा दिखाया है. लेकिन इसका कारण क्या है?
सरकार के दामन को दागदार कर रहे जिमखाना के सरकारी निदेशक!
क्लब निदेशकों पर आरोप है कि उन्होंने 26 अगस्त को अवैध तरीके से क्लब में सचिव की नियुक्ति कर दी. क्लब संविधान के अनुसार बैठक में कम से कम छह निदेशकों की अनिवार्य मौजूदगी के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है.
लापरवाह अधिकारी करेंगे भागीरथ पैलेस अग्निकांड की जांच!
Bhagirath Palace: पुरानी दिल्ली की शान चांदनी चौक देश के ऐतिहासिक बाजारों में शुमार है. यहां मौजूद कटरे खास उत्पादों और वस्तुओं के कारोबार के लिए मशहूर हैं.
विपक्ष का एकजुट होना लोकतंत्र के लिए जरूरी
चुनाव के बाद तमाम टीवी चर्चाओं में राजनैतिक विश्लेषक इस बात पर खास जोर दे रहे हैं कि विपक्षी दलों को आपस में एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरना चाहिये था.





