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दिल्ली: अब पश्चिमी जिला पुलिस पर लग रहा अपराधियों से सांठगांठ का आरोप

कमजोर नेतृत्व के चलते बेलगाम हुई दिल्ली पुलिस अपराधों पर अंकुश लगाने के बजाए अपराधियों की मददगार बन रही है! यही वजह है कि पश्चिमी जिला पुलिस पर सूबे में अपराध का पर्यायवाची बने काला जठेड़ी गैंग के दो गुनाहगारों को रियायत दिलाने की तैयारी में जुटने के आरोप लग रहे हैं.

दिल्ली पुलिस, प्रतीकात्मक तस्वीर

पिछले माह राज्यपाल विनय सक्सेना ने दिल्ली पुलिस के इतिहास को ध्यान में रखकर उसे देश की सर्वोत्तम पुलिस करार दिया. साथ ही पुलिस आयुक्त की मौजूदगी में ही महकमे में लगातार बढ़ रहे भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हुए उसे सुधरने की हिदायत भी दी. लेकिन कमजोर कन्धों पर खड़ी दिल्ली पुलिस संभलने की और पहल ही नहीं कर रही है. उसके आला अफसरों पर लग रहे गंभीर आरोपों से खाकी पर लगातार कालिख पुत रही है. हालत यह है कि अब DCP और उससे आला पदों पर तैनात अफसरों पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं. ताजा मामला कुख्यात काला जठेड़ी गैंग से वसूली कराने वाले दो गुनाहगारों से जुड़ा है. जिन्हे राजौरी गार्डन पुलिस आरोपपत्र में रियायत देने की तैयारी कर रही है.

यह है मामला
दिल्ली के एक कारोबारी को दो साल पहले विदेश में बैठे काला राणा नाम के अपराधी ने धमकी देकर अवैध वसूली की कोशिश की थी. कारोबारी ने स्पेशल सेल से गुहार लगाई तो DCP मनीष चंद्रा की टीम ने काला राणा को थाईलैंड से गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में पश्चिमी जिला के राजौरी गार्डन थाने में मुकदमा भी दर्ज किया गया था. काला राणा ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह कुख्यात काला जठेड़ी गैंग के लिए काम करता है और उसे करोबारी से अवैध उगाही का काम दो लोगों ने दिया था. गौरतलब है कि संगठित अपराध में लिप्त इन आपराधियों पर दिल्ली पुलिस ने मकोका भी लगाया हुआ है.

वॉइस सैम्पल में हुई पुष्टि
सूत्रों के अनुसार काला राणा को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसके और कारोबारी के वॉइस सेम्पल लिए और उनका मिलान भी किया. जिसके बाद सारी कहानी खुद-बा-खुद सत्यापित हो गई. इसके बाद इस मामले में कारोबारी से अवैध उगाही कराने की चेष्टा करने वाले दोनों आरोपियों ने दिल्ली उच्च न्यायालय तक से अपनी जमानत कराने की कोशिश की. लेकिन उनकी यह कोशिश भी नाकाम हो गई.

एक DCP ने दिया सहारा
पुलिस सूत्रों की मानें तो दिल्ली उच्च न्यायालय से जमानत कराने में नाकाम रहे दोनों गुनहगारों को एक DCP ने बचाने का वायदा कर लिया है. जिसके इशारे पर राजौरी गार्डन पुलिस इस मामले में दाखिल होने वाले अभियोग पत्र से दोनों का नाम निकालने की तैयारी कर रही है. इस मामले में जब SHO राजौरी गार्डन से पूछा गया कि क्या पुलिस वाकई में दो प्रमुख गुनाहगारों के नाम आरोप पत्र से बाहर निकाल रही है तो उन्होंने इस बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.



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