Prashant Kumar
CEO – Bharat Express Digital
Chief Advisor to the Chairman & Managing Director and Editor-in-Chief
Mr. Prashant Kumar is a digital, media and growth transformation leader with 18+ years of experience across strategy, technology, AI, marketing and business transformation, having worked with leading organisations including Amazon, IBM, Adidas and Tata Consumer Products.
At Bharat Express, he leads transformation, audience growth, technology, partnerships, monetisation and new business initiatives to build a scalable, future-ready media ecosystem.
भारत एक्सप्रेस
यादों से लेकर हक की लड़ाई तक: अपने पिता की दलित विरासत को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं चिराग?
एक बेटे का अपने पिता की दलित विरासत पर दावा केवल पारिवारिक कहानी नहीं, बल्कि पहचान, सामाजिक दबाव और इतिहास को आगे बढ़ाने की जंग है. जानिए चिराग के इस सफर के मायने
गोरखनाथ से सुशासन तक: योगी आदित्यनाथ ने कैसे तैयार किया यूपी में कानून, व्यवस्था और समृद्धि का ब्लूप्रिंट
कैसे योगी आदित्यनाथ के सुशासन मॉडल ने कानून-व्यवस्था, निवेश, एक्सप्रेसवे, ओडीओपी (ODOP) और प्रशासनिक सुधारों के जरिए उत्तर प्रदेश के विकास का नया ब्लूप्रिंट तैयार किया.
सियासत के ‘मौसम वैज्ञानिक’: हर हवा को पहले भांप लेते थे रामविलास पासवान? समझें फॉर्मूला
Ram Vilas Paswan Political Strategy: रामविलास पासवान को क्यों कहा जाता था राजनीति का 'मौसम वैज्ञानिक'? समझिए कैसे बिहार के सामाजिक जनाधार और गठबंधन की टाइमिंग के सहारे उन्होंने केंद्र में हमेशा अपनी सत्ता बनाए रखी.
भोजपुर की लाल माटी: कैसे एक भूमिगत क्रांति चुनावी ताकत में बदल गई
भोजपुर का भूमिगत क्रांतिकारी आंदोलन कैसे कृषि संकट, मजदूरी और सामाजिक सम्मान के संघर्षों से निकलकर बिहार की एक संगठित चुनावी ताकत में तब्दील हुआ.
द ग्रेट मंडल बनाम कमंडल संघर्ष: वह दिन जब बिहार ने आडवाणी की रथ यात्रा रोक दी
Mandal Vs Kamandal: एलके आडवाणी की रथ यात्रा 25 सितंबर 1990 को गुजरात के सोमनाथ से शुरू हुई थी और इसका लक्ष्य अयोध्या पहुंचना था, जहां राम जन्मभूमि आंदोलन जोर पकड़ रहा था. जब आडवाणी की यात्रा बिहार में दाखिल हुई, तब लालू सरकार के सामने ऐसा फैसला था, जो प्रशासनिक और वैचारिक, दोनों था.
स्टूडेंट हॉस्टल से CM हाउस तक: वह रात जब लालू ने बिहार की कमान संभाली
Lalu Prasad Yadav: लालू प्रसाद यादव के उभार की कहानी सिर्फ एक राजनेता की जीवनी नहीं है. यह उस बदलाव की कहानी है, जब बिहार की राजनीति संभ्रांत वर्ग के नियंत्रण वाले सत्ता के कमरों से निकलकर एक ऐसे जन-राजनीतिक मैदान में पहुंची, जहां आम लोगों की भाषा, जाति की चेतना, प्रतिनिधित्व, सम्मान, पहचान, शासन और असंतोष आपस में टकरा रहे थे.
ठहाका, तेवर और तूफानी राजनीति! जानिए कैसे लालू यादव ने हमेशा के लिए बदल दिए भारतीय लोकतंत्र के नियम
Lalu Prasad Yadav: भारतीय लोकतंत्र में लालू प्रसाद यादव की पहचान एक खास राजनीतिक शैली के रूप में की जाती है - हास्य से भरपूर, टकराव वाली, जातीय समीकरणों को समझने वाली और आम मतदाताओं की भाषा में बात करने वाली. उन्होंने देहाती अंदाज और हास्य को जनसंपर्क का प्रभावी माध्यम बनाया.
चंपारण से भारत छोड़ो आंदोलन तक जिसका बजा डंका! पढ़िए उस बिहार कांग्रेस की कहानी, जिसने देश को दिया पहला राष्ट्रपति
HISTORY OF BIHAR CONGRESS: पटना की राजनीतिक यात्रा सिर्फ सत्ता और चुनावों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह वह ऐतिहासिक शहर है जो स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में औपनिवेशिक हुकूमत के खिलाफ संघर्ष की सबसे बड़ी धुरी बना था.
लंगोटिया अंदाज, देसी ठहाके और पिछड़ों की आवाज, कैसे लालू यादव ने बिहार से दिल्ली तक की राजनीति बदल दी
लालू प्रसाद यादव ने भारतीय लोकतंत्र को देसी अंदाज और सामाजिक न्याय की भाषा दी. उन्होंने चुटकुलों और तंज को राजनीति का हथियार बनाया, पिछड़े वर्गों को सम्मान दिलाया और RJD की नींव रखी.
Target 243: क्षेत्रीय ‘बड़े भाई’ के बिना बिहार की सत्ता तक पहुंचने की बीजेपी की कोशिश
BJP Target 243 Bihar: स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करके, अपने सामाजिक आधार का विस्तार करके और क्षेत्रीय गठबंधनों को नए सिरे से साधकर बीजेपी बिहार की राजनीति में अपनी बड़ी भूमिका तलाश रही है.





