Prashant Kumar
CEO – Bharat Express Digital
Chief Advisor to the Chairman & Managing Director and Editor-in-Chief
Mr. Prashant Kumar is a digital, media and growth transformation leader with 18+ years of experience across strategy, technology, AI, marketing and business transformation, having worked with leading organisations including Amazon, IBM, Adidas and Tata Consumer Products.
At Bharat Express, he leads transformation, audience growth, technology, partnerships, monetisation and new business initiatives to build a scalable, future-ready media ecosystem.
भारत एक्सप्रेस
डॉलर का दबाव खत्म और लोकल करेंसी में ट्रेड: ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की अगुवाई में बना नया ग्लोबल रोडमैप
18वें ब्रिक्स सम्मेलन में भारत ने ईरान और यूएई के बीच जारी मतभेदों को सुलझाते हुए सर्वसम्मति से 'नई दिल्ली घोषणापत्र' पास कराया. यह भारत के कूटनीतिक दबदबे को दर्शाता है.
BRICS Local Currency Trade: डॉलर के बजाय लोकल करेंसी में बढ़ेगा कारोबार? छोटे निर्यातकों पर क्या होगा असर
BRICS Local Currency Trade Impact on Exporters: BRICS देशों ने स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और सीमा-पार भुगतान को आसान बनाने की दिशा में काम जारी रखने पर जोर दिया है. लोकल करेंसी में कारोबार से खरीदारों को सुविधा मिल सकती है, लेकिन छोटे निर्यातकों के लिए विदेशी मुद्रा जोखिम और बैंकिंग लागत अहम चुनौती रहेगी.
समुद्र की सुरक्षा पर BRICS का फोकस, पीएम मोदी ने रखा सीफेरर्स के लिए इमरजेंसी नेटवर्क का प्रस्ताव
BRICS Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्र में संकट का सामना करने वाले सीफेयरर्स के लिए Seafarers’ Emergency Support Network बनाने का प्रस्ताव रखा. इसका उद्देश्य समुद्री एजेंसियों और राजनयिक मिशनों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए संकट में फंसे कर्मचारियों तक सहायता पहुंचाना है.
IMF में सुधार की मांग: वोटिंग पावर और कोटे में अपनी हिस्सेदारी को लेकर क्यों अड़ा BRICS?
BRICS देशों के केंद्रीय बैंक गवर्नर और वित्त प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में कोटा और वोटिंग अधिकारों में तत्काल सुधार की मांग कर रहे हैं, ताकि उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में वाजिब प्रतिनिधित्व मिल सके.
तकनीक की गुलामी से आजादी: जानिए क्या है भारत का ‘डी-वेपनाइजिंग टेक्नोलॉजी’ प्लान और DPI मॉडल
भारत डिजिटल साम्राज्यवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा हो रहा है. यूपीआई, डेटा प्रोटेक्शन कानून और सेमीकंडक्टर मिशन के जरिए देश अपनी तकनीक को किसी विदेशी शक्ति का हथियार बनने से रोक रहा है.
‘बॉर्डर पर नहीं अटकेगा सामान…’ BRICS देशों के नए कस्टम्स नियम से भारतीय निर्यातकों की बल्ले-बल्ले
ब्रिक्स देशों के नए कस्टम्स समझौते से सीमा पर होने वाली देरी खत्म होगी. एईओ प्रोग्राम और डिजिटल चेकिंग से एक्सपोर्टर्स का समय और लॉजिस्टिक्स खर्च दोनों बचेगा.
अकाल रोकना: संकट के दौरान BRICS Grain Exchange वैश्विक गेहूं और खाद्य कीमतों को कैसे स्थिर कर सकता है
BRICS Grain Exchange:प्रस्तावित BRICS Grain Exchange गेहूं की कीमतों में पारदर्शिता बढ़ा सकता है और सप्लाई में रुकावट के दौरान खाद्य सुरक्षा को मजबूत कर सकता है. यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गेहूं की कीमतों में एक बार फिर ऐसी अस्थिरता दिखाई दे रही है, जो गेहूं आयात पर निर्भर देशों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है.
सिलिकॉन ब्रिज बनाना: BRICS के दायरे में भारत और मलेशिया सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए कैसे साथ आ रहे हैं?
India Malaysia Semiconductor Partnership: भारत और मलेशिया निवेश, प्रतिभा और एडवांस्ड पैकेजिंग के जरिए सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए सेमीकंडक्टर सहयोग को और गहरा कर रहे हैं.
ग्लोबल साउथ की आवाज बना ‘TV BRICS’: जानिए क्या सच में खत्म होगा पश्चिमी मीडिया का दबदबा
टीवी ब्रिक्स और ग्लोबल साउथ के मीडिया संस्थान पश्चिमी मीडिया के एकतरफा वर्चस्व को चुनौती दे रहे हैं. इनका मकसद वैश्विक मुद्दों पर निष्पक्ष और बहुआयामी नजरिया पेश करना है.
विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को कर्ज के जाल से निकालना: BRICS के कर्ज पुनर्गठन तंत्र Paris Club का विकल्प कैसे देते हैं?
BRICS Debt Restructuring: BRICS के कर्ज पुनर्गठन तंत्र विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को कर्जदाताओं के ज्यादा विकल्प, वित्तीय साधन और Paris Club मॉडल के विकल्प उपलब्ध कराते हैं. कर्ज के दबाव से जूझ रहे देशों के लिए इसका व्यावहारिक फायदा विकल्पों की संख्या बढ़ना है.





