Prashant Kumar
CEO – Bharat Express Digital
Chief Advisor to the Chairman & Managing Director and Editor-in-Chief
Mr. Prashant Kumar is a digital, media and growth transformation leader with 18+ years of experience across strategy, technology, AI, marketing and business transformation, having worked with leading organisations including Amazon, IBM, Adidas and Tata Consumer Products.
At Bharat Express, he leads transformation, audience growth, technology, partnerships, monetisation and new business initiatives to build a scalable, future-ready media ecosystem.
भारत एक्सप्रेस
दो नावों पर पैर या वैश्विक कूटनीति? जानिए क्या है मोदी सरकार का ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ फॉर्मूला?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौर में भारत की विदेश नीति का सबसे अहम पहलू ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ और ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ है. भारत एक ओर अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड के जरिए हिंद-प्रशांत में सहयोग बढ़ा रहा है, तो दूसरी ओर रूस, चीन और ग्लोबल साउथ के साथ BRICS जैसे मंचों पर भी सक्रिय है.
क्या BRICS में हो पाएगी पाकिस्तान की एंट्री? जानें भारत के पास मौजूद उस ‘मास्टर रूल’ की पूरी सच्चाई
BRICS 2026: BRICS में शामिल होने के लिए पाकिस्तान भले ही चीन और रूस से गुहार लगा रहा हो, लेकिन भारत के पास एक ऐसा नियम है जिससे इस्लामाबाद की एंट्री पूरी तरह अटक गई है.
कुरुक्षेत्र के 18 दिन और घातक व्यूह: समझिए चक्रव्यूह, पद्म और वज्र व्यूह के पीछे का असली सैन्य विज्ञान
कुरुक्षेत्र युद्ध के प्रमुख व्यूहों का संपूर्ण विश्लेषण. जानिए चक्रव्यूह, पद्म व्यूह, गरुड़ व्यूह सहित महाभारत के 18 दिनों के सैन्य फॉर्मेशन और प्राचीन युद्ध रणनीतियों का असली सच
क्या कर्ण के साथ सच में अन्याय हुआ था? महाभारत के इस महान योद्धा की कहानी में छिपा है बड़ा सच
Mahabharata Karna Story: क्या महाभारत के कर्ण के साथ सच में अन्याय हुआ था? जन्म से लेकर द्रौपदी अपमान, दुर्योधन की दोस्ती, कृष्ण का प्रस्ताव और अर्जुन के साथ अंतिम युद्ध तक जानिए कर्ण की पूरी कहानी.
राम सेतु का रहस्य: साइंस के सबूत बनाम रामायण, जानें समुद्र के नीचे छिपे हजारों साल पुराने रहस्य की पूरी कहानी
राम सेतु भारत और श्रीलंका के बीच मौजूद प्राकृतिक भूगर्भीय संरचना है, जिसे धार्मिक परंपरा भगवान राम के नल सेतु से जोड़ती है. वैज्ञानिक अध्ययनों में समुद्र के स्तर और कोरल-रेतीली संरचनाओं के प्रमाण मिले हैं, लेकिन मानव निर्मित पुल का निर्णायक सबूत अब तक नहीं मिला.
क्या महाभारत के अस्त्र महज मिथक हैं या आधुनिक परमाणु हथियारों का प्राचीन रूप? जानिए क्या कहते हैं विद्वान
महाभारत सिर्फ पौराणिक कथाओं का महाकाव्य नहीं है, बल्कि इसमें कई ऐसे दिव्य अस्त्रों का जिक्र है जिनके प्रभाव आधुनिक परमाणु युद्ध, रणनीतिक पक्षाघात और पर्यावरण पर पड़ने वाले असर से काफी हद तक मेल खाते हैं.
धन्वंतरि और प्राचीन शल्य चिकित्सा: 600 ईसा पूर्व में महर्षि सुश्रुत ने कैसे की थी प्लास्टिक सर्जरी?
महर्षि सुश्रुत की परंपरा में नाक के पुनर्निर्माण जैसी जटिल शल्य प्रक्रिया का व्यवस्थित विवरण मिलता है, जिसे रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी का शुरुआती उदाहरण माना जाता है.
मंदिरों में साउंड इंजीनियरिंग: ॐ के जाप और घंटियों की ध्वनि का विज्ञान क्या है?
Sound Engineering In Hindu Temples: मंदिरों की बनावट इस तरह की जाती है कि वहां ॐ का जाप और घंटियों की आवाज ज्यादा देर तक गूंज सके. पत्थर की दीवारें, बंद कमरे, ऊंची छत और गूंजने वाली जगहें आवाज को रोकती और वापस लौटाती हैं. इससे मंदिर के अंदर ध्वनि का अनुभव ज्यादा गहरा और प्रभावशाली हो सकता है.
कैलाश मानसरोवर के अनसुलझे रहस्य: क्यों आज तक कोई नहीं चढ़ पाया माउंट कैलाश?
Mount Kailash Mystery: माउंट कैलाश आज भी अपने पवित्र दर्जे, धार्मिक आस्था, सरकारी पाबंदियों और इस विश्वास की वजह से अछूता है कि इसके शिखर पर पैर नहीं रखा जाना चाहिए.
सनातन धर्म में कैसे होती है समय की गणना, जानिये युग, मन्वंतर और कल्प की पूरी कहानी
Sanatan Dharma Time Calculation: सनातन धर्म में समय को सिर्फ दिन, महीने और साल के हिसाब से नहीं देखा जाता. यहां समय की गणना बेहद बड़े स्तर पर की गई है. इसमें युग, महायुग, मन्वंतर और कल्प जैसे कालखंड शामिल हैं. इनकी गणना लाखों और करोड़ों ही नहीं, बल्कि अरबों वर्षों तक जाती है.





