Dr. Rajib K. Mishra
Executive Director, Integrated Research and Action for Development (IRADe)
भारत एक्सप्रेस
टिहरी से त्रिशूली तक: आखिर क्यों हिमालयी जलविद्युत परियोजनाओं को चाहिए नई सोच और क्लाइमेट रियलिटी चेक?
तीस्ता और त्रिशूली की आपदाओं ने हिमालयी जलविद्युत परियोजनाओं की कमजोरियों को उजागर किया है. जानिए क्यों भारत-नेपाल बिजली सहयोग को अब क्लाइमेट रिस्क, ऊर्जा सुरक्षा और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति के नजरिए से देखने की जरूरत है.
थर्मल पावर प्लांट्स में घटता कोयला और बिजली एक्सचेंजों में बढ़ती कीमतें: क्या उत्पादन नहीं, लॉजिस्टिक्स है असली चुनौती?
EXPERT BLOG ON POWER SECTOR CRISIS: देश के थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले के स्टॉक में आई तेज गिरावट और पावर एक्सचेंजों में बिजली की कीमतों के ₹10 प्रति यूनिट की सीमा छूने पर आईआरएडीई (IRADe) के कार्यकारी निदेशक डॉ. राजीव के. मिश्रा का मानना है कि यह समस्या कोयला उत्पादन की नहीं, बल्कि उसके सही स्थान पर उपलब्धता, लॉजिस्टिक्स और पावर-सिस्टम के लचीलेपन की है.







