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Dharavi Redevelopment Project: मीठी नदी के कायाकल्प से बदलेगी धारावी की सूरत, 2 लाख नए पौधे भी लगाएगी ANDPL

DHARAVI GREEN REDEVELOPMENT: धारावी पुनर्विकास परियोजना (DRP) के तहत अडानी नवभारत डेवलपर्स (ANDPL) धारावी में 40,000 पेड़ों का पुनरुद्धार करेगी और मीठी नदी के किनारे 3.3 किलोमीटर लंबा भव्य सार्वजनिक रिवरफ्रंट प्रोमनेड विकसित करेगी.

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Vijay Ram Edited by Vijay Ram

मुंबई के सबसे घने आबादी वाले इलाकों में से एक धारावी के निवासियों को बेहतर जीवनशैली और हरा-भरा माहौल देने के लिए ‘धारावी पुनर्विकास परियोजना’ (DRP) के तहत बड़ा कदम उठाया गया है. सोमवार (3 अगस्त 2026) को हुई घोषणा के अनुसार, परियोजना की क्रियान्वयन एजेंसी अडानी नवभारत डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (ANDPL) धारावी के भीतर लगभग 40,000 पेड़ों को चरणबद्ध तरीके से नया जीवन देगी.

इसके साथ ही पूरी मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में लगभग 2 लाख पूरक (प्रतिपूरक) पौधे लगाए जाएंगे. ANDPL, महाराष्ट्र सरकार और अडानी ग्रुप का एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) है.

मीठी नदी का कायाकल्प और रिवरफ्रंट प्रोमनेड

इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य आकर्षण माटुंगा कलवर्ट से शुरू होकर मीठी नदी के साथ बनने वाला 3.3 किलोमीटर लंबा सार्वजनिक रिवरफ्रंट प्रोमनेड होगा. यह प्रोमनेड सभी मुंबईकरों के लिए खुला रहेगा.

सुविधाएं: इसमें व्यूइंग डेक, कैफे और सांस्कृतिक स्थल बनाए जाएंगे.
पर्यावरण सुरक्षा: रिवरफ्रंट के किनारों पर देशी पेड़ और प्रदूषण सोखने वाली वनस्पतियां लगाई जाएंगी.
जल प्रबंधन: वर्षा जल संचयन (Stormwater Management) और भूजल स्तर सुधारने के लिए परमिएबल पेविंग और बायोस्वाले की व्यवस्था होगी.

ग्रीन स्पाइन और सेंट्रल पार्क का शानदार नेटवर्क

रिवरफ्रंट को धारावी के व्यापक ‘ग्रीन-ब्लू नेटवर्क’ से जोड़ा जाएगा. इसके अंतर्गत पैदल चलने वालों और साइकिल चालकों के लिए 15 मीटर चौड़ा ‘ग्रीन स्पाइन’ , एक बड़ा सेंट्रल पार्क और कई स्थानीय पार्क विकसित किए जाएंगे. इससे क्षेत्र में वायु परिसंचरण (Air Circulation) सुधरेगा और शहरी गर्मी (Urban Heat Island Effect) कम होगी.

पालघर में 30 हजार पौधे लगे, इस मानसून 75 हजार का लक्ष्य

पेड़ों की वैज्ञानिक रोपाई और 5 साल तक रख-रखाव की जिम्मेदारी टेराकॉन (Terracon) एजेंसी को दी गई है, जिसका पूरा खर्च ANDPL उठाएगी. बीएमसी (BMC) सीमाओं में पर्याप्त जमीन न होने के कारण पालघर के चाहाड़े गांव में पहले ही 30,000 पेड़ लगाए जा चुके हैं और इस मानसून में कुल 75,000 पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है.



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