Adani Cement Coolbrook Agreement: सीमेंट बनाने वाली दिग्गज कंपनी अडानी सीमेंट ने अपने ‘नेट-ज़ीरो’ (प्रदूषण शून्य) लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक ऐतिहासिक समझौता किया है. कंपनी ने फ़िनलैंड की क्लाइमेट टेक्नोलॉजी फर्म कूलब्रुक (Coolbrook) के साथ हाथ मिलाया है. अडानी सीमेंट और कूलब्रुक ने दुनिया के पहले वाणिज्यिक रोटो डायनेमिक हीटर (RDH) प्रौद्योगिकी को तैनात करने के लिए समझौता किया है. यह प्रौद्योगिकी सीमेंट उत्पादन में सबसे अधिक जीवाश्म ईंधन-गहन चरण को डीकार्बोनाइज करेगी.
यह समझौता कूलब्रुक की क्रांतिकारी टेक्नोलॉजी रोटोडायनामिक हीटर (RDH) को व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल करने वाला दुनिया का पहला कदम है. यह हीटर सिस्टम भारत में आंध्र प्रदेश के बोयारेड्डीपल्ली इंटीग्रेटेड सीमेंट प्लांट में लगाया जाएगा.
कैसे होगी प्रदूषण से आजादी?
RDH प्रणाली अडानी सीमेंट के बड़े पैमाने पर अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो द्वारा संचालित होगी, जिससे औद्योगिक गर्मी पूरी तरह से कार्बन मुक्त होगी. यह प्रौद्योगिकी वैकल्पिक ईंधन के सुखाने और गर्म करने के लिए स्वच्छ गर्मी प्रदान करेगी, जिससे जीवाश्म ईंधन के उपयोग में कमी आएगी.
क्या है RDH प्रौद्योगिकी?
सीमेंट बनाने की प्रक्रिया में सबसे ज़्यादा कार्बन उत्सर्जन एक चरण में होता है, जिसे कैल्सीनेशन (Calcination) कहते हैं. यह नई RDH टेक्नोलॉजी इसी चरण को डीकार्बोनाइज (कार्बन-मुक्त) कर देगी. इसे चलाने के लिए बिजली अडानी सीमेंट के अपने बड़े पैमाने पर मौजूद रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफ़ोलियो (जैसे सौर और पवन ऊर्जा) से ली जाएगी, जिससे औद्योगिक गर्मी पैदा करने की प्रक्रिया पूरी तरह से स्वच्छ हो जाएगी.
- इससे हर साल लगभग 60,000 टन CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) उत्सर्जन कम होने की उम्मीद है.
- कंपनी की ओर से बताए गए प्लान के अनुसार इसे आगे 10 गुना तक बढ़ाया जा सकता है.
- भविष्य में कूलब्रुक के 2.4 अरब टन वार्षिक CO2 उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य में योगदान होगा.
अडानी सीमेंट के बड़े लक्ष्य
यह प्रोजेक्ट 2050 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के अडानी सीमेंट के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा, जिसे SBTi (साइंस बेस्ड टारगेट्स इनिशिएटिव) से भी मान्यता मिली हुई है. कंपनी पहले ही अपने पर्यावरण लक्ष्यों को और भी कड़ा कर चुकी है. अडानी समूह के सीमेंट व्यवसाय के सीईओ विनोद बहेटी ने कहा कि
‘यह समझौता उनकी डीकार्बोनाइजेशन यात्रा में एक महत्वपूर्ण क्षण है. यह हमारे नेट-जीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ी छलांग है. अपने सीमेंट उत्पादन में ऐसे अत्याधुनिक तकनीकी से हम जीवाश्म ईंधन से दूर जाने की प्रक्रिया को तेज़ कर रहे हैं. यह साझेदारी जलवायु नेतृत्व और नवाचार एवं स्थिरता के माध्यम से दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करने के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है.’
भविष्य की योजनाएं मुश्किल को आसाम करना
अडानी सीमेंट और कूलब्रुक ने अगले दो वर्षों में कम से कम पांच अतिरिक्त परियोजनाओं को लॉन्च करने की योजना बनाई है. RDH प्रौद्योगिकी अडानी सीमेंट के उत्पादन को डीकार्बोनाइज करने, प्रक्रिया दक्षता में सुधार करने और कंपनी के स्थिरता लक्ष्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. कूलब्रुक के सीईओ जूनास रौरामो ने कहा कि-
‘अडानी सीमेंट के साथ दुनिया की पहली औद्योगिक-स्तरीय परियोजना में प्रवेश करना दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण सीमेंट बाजारों में से एक में औद्योगिक विद्युतीकरण के लिए एक परिवर्तनकारी कदम है. हमारा मिशन रोटोडायनामिक तकनीक को उन क्षेत्रों में कार्बन-मुक्त करना है जिन्हें कम करना मुश्किल है. साथ मिलकर, हम सीमेंट उत्पादन के तरीके को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं.’
दोनों कंपनियों का परिचय
अडानी सीमेंट अडानी समूह की निर्माण सामग्री समाधान व्यवसाय है, जिसमें अंबुजा सीमेंट और एसीसी जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड शामिल हैं. कंपनी के पास लगभग 107 एमटीपीए की स्थापित क्षमता है और भारत के आवास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में लगभग 30% सीमेंट की आपूर्ति करती है.
ये भी पढ़ें: भारत 2026 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट बनने की राह पर
कूलब्रुक एक परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग कंपनी है जिसका मिशन पेट्रोकेमिकल्स, लोहा और स्टील, और सीमेंट जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को डीकार्बोनाइज करना है. कूलब्रुक की क्रांतिकारी घूर्णन प्रौद्योगिकी सभी प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में जीवाश्म ईंधन के जलने को बदलने के लिए अंतरिक्ष विज्ञान, टर्बोमैचिनरी और रासायनिक अभियांत्रिकी को जोड़ती है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

