अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने 9 दिसंबर 2025 को झारखंड के धनबाद में एक खास कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उन्होंने ‘पेहला कदम स्कूल’ और ‘नारायणी चैरिटेबल ट्रस्ट’ का दौरा किया. ये दोनों संस्थाएं शारीरिक और बौद्धिक रूप से दिव्यांग बच्चों की मदद करती हैं. अडानी की मौजूदगी से बच्चे, उनके माता-पिता और शिक्षक बहुत खुश हुए. अडानी ने बच्चों से बात की और उनकी कहानियां सुनीं. उन्होंने कहा कि हर बच्चे को बराबर मौका मिलना चाहिए. ये दौरा समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया.
‘नयी उड़ान’ कैफे का भव्य उद्घाटन
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘नयी उड़ान कैफे’ का उद्घाटन था. ये कैफे दिव्यांग बच्चों को व्यावसायिक कौशल सिखाने के लिए बनाया गया है. यहां बच्चे खाना बनाना, कैफे चलाना, ग्राहकों की सेवा करना और मेहमाननवाजी सीखेंगे. इससे वे स्वतंत्र होकर सम्मानजनक नौकरी पा सकेंगे. अडानी ने रिबन काटा और बच्चों को बधाई दी. उन्होंने कहा, “ये कैफे सिर्फ कौशल नहीं सिखाएगा, बल्कि बच्चों को समाज में उनकी सही जगह दिलाएगा.” अडानी ग्रुप ने अगले तीन साल तक इसकी पूरी मदद का वादा किया. ये कदम समावेशी विकास की दिशा में बड़ा योगदान देगा.
संस्थाओं का सराहनीय काम
‘पहला कदम स्कूल’ गरीब परिवारों के दिव्यांग बच्चों को मुफ्त शिक्षा देता है. यहां विशेष शिक्षा, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी और जीवन कौशल सिखाए जाते हैं. कई बच्चे राष्ट्रीय पैरा-स्पोर्ट्स में झारखंड का नाम रोशन कर चुके हैं. नारायणी चैरिटेबल ट्रस्ट भी स्वास्थ्य और प्रशिक्षण में मदद करता है. इन संस्थाओं को राज्यपाल और राष्ट्रपति से सम्मान मिल चुका है. अडानी ने इनके प्रयासों की तारीफ की. कार्यक्रम में शिक्षक, अभिभावक और अडानी ग्रुप के अधिकारी भी शामिल हुए.
अडानी का ये कदम दिखाता है कि बड़े उद्योगपति सामाजिक काम में कैसे योगदान दे सकते हैं. ये न सिर्फ आर्थिक मदद है, बल्कि दिव्यांगों को गरिमा और अवसर देने का संकल्प है. धनबाद के बच्चे अब आत्मविश्वास से भरे हैं. ये पहल पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगी. समाज में सबको साथ लेकर चलने का ये संदेश बहुत मजबूत है.
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