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अडानी ग्रुप का कीर्तिमान: जयपुर एयरपोर्ट बना राजस्थान में बना पहला ‘वाटर-पॉजिटिव’ हवाईअड्डा; जानें क्या है फॉर्मूला?

अडानी ग्रुप के जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ‘वाटर-पॉजिटिव’ (Water-Positive) बनने वाला पहला हवाईअड्डा बन गया है. जानिए आखिर कैसे इस एयरपोर्ट ने अपनी खपत से ज्यादा पानी बचाकर एक मिसाल पेश की है.

Jaipur International Airport Adani Group

अडानी ग्रुप (Adani Group) के संचालन वाले जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है. अधिकारियों के मुताबिक, यह हवाईअड्डा अब ‘वाटर-पॉजिटिव’ (Water-Positive) स्टेटस प्राप्त कर चुका है. इसी के साथ यह राजस्थान का पहला और भारत के उन चुनिंदा हवाईअड्डों में शुमार हो गया है, जिन्होंने यह अहम उपलब्धि अपने नाम की है.

ग्लोबल फर्म ‘ब्यूरो वेरिटास’ ने दिया सर्टिफिकेशन

जयपुर एयरपोर्ट को यह प्रमाणीकरण (Certification) विश्व प्रसिद्ध ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म ‘ब्यूरो वेरिटास’ (Bureau Veritas) द्वारा दिया गया है. फर्म ने एयरपोर्ट के वाटर मैनेजमेंट सिस्टम और स्थिरता प्रथाओं (Sustainability Practices) का बेहद बारीकी से और विस्तृत मूल्यांकन किया, जिसके बाद यह दर्जा प्रदान किया गया. ‘वाटर-पॉजिटिव’ होने का सीधा सा मतलब है कि यह एयरपोर्ट जितना पानी खर्च करता है, उससे कहीं अधिक पानी रिसाइकिलिंग और संरक्षण उपायों के जरिए बचाता है.

खपत से ज्यादा किया पानी का संरक्षण

रिपोर्टिंग अवधि (अप्रैल 2025 से मार्च 2026) के शानदार आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं. इस दौरान जयपुर एयरपोर्ट ने 103,387 किलो लीटर पानी का उपयोग किया, जबकि इसकी तुलना में 137,085 किलो लीटर पानी को रिसाइकिल (पुनर्चक्रित) और रीप्लेनिश (भूजल में वापस) किया गया.

राजस्थान जैसे पानी की भारी किल्लत वाले क्षेत्र (Water-Scarce Region) में काम करते हुए एयरपोर्ट ने कई प्रभावी पहल की हैं. इनमें सबसे अहम है- बारिश के पानी के संचयन (Rainwater Harvesting) और भूजल रिचार्ज को बढ़ाने के लिए 18 ‘डीप एक्विफर रिचार्ज पिट्स’ (Deep Aquifer Recharge Pits) की स्थापना.

सफलता के 3 रणनीतिक स्तंभ

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रवक्ता के अनुसार, “यह उपलब्धि एयरपोर्ट के निरंतर प्रयासों का नतीजा है. इस सर्टिफिकेशन के लिए 3 मुख्य रणनीतिक स्तंभ (Pillars) जिम्मेदार हैं- पहला, ट्रीटेड (उपचारित) पानी का 100 प्रतिशत रिसाइकिल और पुन: उपयोग; दूसरा, ताजे पानी (Fresh Water) की खपत में भारी कमी; और तीसरा, रेनवाटर हार्वेस्टिंग का एक मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करना.”

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आपको बता दें कि 776 एकड़ में फैला जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ‘डिजिटल-फर्स्ट’ अप्रोच के साथ काम करता है. यह राजस्थान का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है, जिसने FY25 में 60 लाख से अधिक यात्रियों को संभाला और रोजाना लगभग 120 एयर ट्रैफिक मूवमेंट्स का प्रबंधन करता है. ‘वाटर-पॉजिटिव’ स्टेटस से पहले, मई 2025 में एयरपोर्ट को सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए CII-ITC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से ‘जीरो वेस्ट टू लैंडफिल’ (ZWL) सर्टिफिकेशन और ACI लेवल 3 एक्रिडिटेशन भी मिल चुका है.



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