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अडानी पोर्टफोलियो की कंपनियों ने पेश किए शानदार नतीजे, एसेट बेस 5 लाख करोड़ रुपये के पार

वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में अडानी ग्रुप की पोर्टफोलियों कंपनियों ने 75,277 करोड़ रुपये की राशि निवेश की है. इसके साथ ही कुल सकल संपत्तियां 5.53 लाख करोड़ रुपये हो गई हैं.

Adani Enterprises Ltd (AEL)

अडानी पोर्टफोलियो की कंपनियों ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर अवधि) और ट्रेलिंग-टूवेल्व-मंथ (टीटीएम) अवधि के नतीजे पेश किए. वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में ग्रुप की पोर्टफोलियों कंपनियों ने 75,277 करोड़ रुपये की राशि निवेश की है. इसके साथ ही कुल सकल संपत्तियां 5.53 लाख करोड़ रुपये हो गई हैं.

वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में कंपनी का इबिटा (EBITDA) भी अपने उच्चतम स्तर 44,212 करोड़ रुपये पहुंच गया है. इसमें सालाना आधार पर 1.2 प्रतिशत की बढ़त हुई है. टीटीएम इबिटा सालाना आधार पर 17.1 प्रतिशत बढ़कर 83,440 करोड़ रुपये हो गया है .

EBITDA ग्रोथ 25.5 प्रतिशत

अगर अडानी पावर की पिछली अवधि की नॉन-रिकरिंग आय को मिला दिया जाए तो वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में इबिटा ग्रोथ 25.5 प्रतिशत और टीटीएम के लिए 34.3 प्रतिशत रही है.

ग्रुप ने कहा कि इबिटा रन-रेट, जिसमें हाल ही में परिचालन की गई संपत्तियों से मुनाफे का वार्षिकीकरण शामिल है, अब 88,192 करोड़ रुपये है.

अदाणी समूह ने एक बयान में कहा, ‘इस मजबूत वृद्धि का श्रेय अडानी के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म पर रणनीतिक फोकस को दिया जाता है, जो उच्च स्थिरता और पूर्वानुमान प्रदान करता है.’


ये भी पढ़ें: “बाहरी कर्ज के बिना भी विकास संभव”, अडानी ग्रुप ने खुद के वित्तीय रूप से मजबूत होने का किया दावा


पर्याप्त लिक्विडिटी

बयान में आगे कहा गया कि पोर्टफोलियो की सभी कंपनियों के पास कम से कम अगले 12 महीने में आने वाली सभी कर्ज भुगतान आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी है. वित्त वर्ष 2034 तक प्रत्येक वर्ष के लिए कर्ज परिपक्वता सितंबर 2024 को समाप्त टीटीएम से कम है.

सितंबर 2024 को समाप्त 12 महीनों के लिए परिचालन से धन प्रवाह (एफएफओ) बढ़कर 58,908 करोड़ रुपये हो गया, जो सालाना आधार पर 28.4 प्रतिशत अधिक है.

नेट डेट-टू-EBITDA 2.46 गुना रहा

चालू वित्त वर्ष में ग्रुप के शानदार प्रदर्शन की वजह अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) के इबिटा में उछाल आना है. इन्फ्रास्ट्रक्चर, सोलर और विंड मैन्युफैक्चरिंग के अच्छे प्रदर्शन के कारण इबिटा वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में एईएल का इबिटा सालाना आधार पर 70.14 प्रतिशत बढ़ा है.

अडानी एंटरप्राइजेज के तहत आने वाला कोर इन्फ्रास्ट्रक्चर बिजनेस (यूटिलिटी, ट्रांसपोर्ट और इन्फ्रास्ट्रक्चर) की वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में इबिटा में हिस्सेदारी 86.8 प्रतिशत रही है. ग्रुप ने आगे कहा कि नेट डेट-टू-इबिटा 2.46 गुना रहा है जो कि मैनेजमेंट की गाइडेंस 3.5 से 4.5 गुणा से काफी कम है.

-भारत एक्सप्रेस



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