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अडानी ग्रुप का मास्टरस्ट्रोक! APSEZ और MSC के बीच मेगा डील, ग्लोबल सप्लाई चेन पर होगा विझिंजम पोर्ट का राज

अडानी पोर्ट्स (APSEZ) और MSC ग्रुप के बीच विझिंजम पोर्ट को लेकर 2.85 बिलियन डॉलर की ऐतिहासिक डील हुई है. जानिए कैसे यह भारत के पोर्ट सेक्टर का सबसे बड़ा विदेशी निवेश बन गया है.

भारतीय समुद्री व्यापार (Maritime Trade) के इतिहास में आज तक का सबसे बड़ा और खूंखार विदेशी निवेश हो चुका है! अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने दुनिया के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक ग्रुप ‘MSC’ के साथ ऐसी 2.85 बिलियन डॉलर (करीब 24,000 करोड़ रुपये) की डील फाइनल कर दी है, जिसने ग्लोबल मार्केट में हड़कंप मचा दिया है. इस ‘मास्टरस्ट्रोक’ के बाद केरल का विझिंजम पोर्ट (Vizhinjam Port) सीधे तौर पर दुनिया के सबसे खतरनाक ‘ट्रांसशिपमेंट हब’ के रूप में उभरने वाला है.

क्या है इस डील का पूरा गणित?

इस डेफिनिटिव एग्रीमेंट के तहत, MSC ग्रुप की टर्मिनल ऑपरेटिंग कंपनी TiL (Terminal Investment Limited) विझिंजम पोर्ट (AVPPL) में 49% की सीधी हिस्सेदारी खरीदेगी. टोटल डील वैल्यू 2.85 बिलियन डॉलर है. इसमें TiL का निवेश 1.397 बिलियन डॉलर होगा. जो केवल 49% हिस्सेदारी के लिए होगा. मुंद्रा कंटेनर टर्मिनल नंबर 3 और एन्नोर के बाद यह अडानी और MSC के बीच तीसरी सबसे बड़ी और ऐतिहासिक पार्टनरशिप है.

18 महीने में गाड़ दिए झंडे

दिसंबर 2024 में चालू हुआ विझिंजम भारत का पहला डीप-ड्राफ्ट मेगा ट्रांसशिपमेंट पोर्ट है. इसकी रफ्तार इतनी खूंखार है कि इसने महज़ 18 महीनों में 2 मिलियन TEU का आंकड़ा पार कर नया नेशनल रिकॉर्ड बना दिया है. जून 2026 में ही इस पोर्ट पर 1,000वां विशालकाय जहाज (Vessel) उतरा है. यहां AI-आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और 24 पूरी तरह से ऑटोमेटेड क्रेन लगे हुए हैं, जो इसे भारत का पहला ‘स्मार्ट पोर्ट’ बनाते हैं.

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चीन और प्रतिद्वंद्वियों की उड़ी नींद

APSEZ के होल-टाइम डायरेक्टर अश्वनी गुप्ता ने साफ कर दिया है कि इस साझेदारी से ग्लोबल सप्लाई चेन की रफ्तार ‘रॉकेट’ जैसी हो जाएगी. इस महा-निवेश के बाद बांग्लादेश और ईस्ट अफ्रीका के ट्रेड रूट्स पर भारत का सीधा कब्जा होगा, जिससे साउथ-ईस्ट एशिया के दूसरे ट्रांसशिपमेंट हब (जैसे कोलंबो या चीन के पोर्ट्स) को भयंकर नुकसान उठाना पड़ सकता है. साफ है, समंदर के इस ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ में अडानी ने अपनी बादशाहत पक्की कर ली है.



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