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Operation Sindoor के बाद भारत ने IADWS का सफल परीक्षण कर वायु रक्षा प्रणाली को दी नई ताकत

भारत ने ओडिशा तट से इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया. इसमें QRSAM, VSHORADS और लेज़र आधारित Directed Energy Weapon से तीन हवाई लक्ष्यों को सटीकता से मार गिराया गया.

India’s air defence IADWS

India’s Air Defence IADWS Test: भारत ने अपनी वायु रक्षा क्षमता को एक और मज़बूत परत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. रविवार को ओडिशा के तट से देश ने पहली बार इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) के कई सफल उड़ान परीक्षण पूरे किए गए.

यह उपलब्धि ऐसे समय पर आई है जब हाल ही में पाकिस्तान के साथ 7 से 10 मई के बीच हुई झड़पों में भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था. अब IADWS के जुड़ने से भारतीय आकाशीय सुरक्षा और मज़बूत हो जाएगी. इसकी खासियत यह है कि इसमें एक डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (लेज़र आधारित हथियार) शामिल किया गया है, जो राडार और सेंसर की मदद से तुरंत दुश्मन के हवाई खतरों को नष्ट कर सकता है.

जानें क्या है IADWS?

IADWS एक बहु-स्तरीय (multi-layered) एयर डिफेंस सिस्टम है. इन हथियारों को एक मज़बूत राडार और सेंसर नेटवर्क से जोड़ा गया है, जो किसी भी हवाई खतरे की पहचान कर तुरंत जवाब देता है.

  • Quick Reaction Surface-to-Air Missile (QRSAM) – देश में विकसित त्वरित प्रतिक्रिया सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल.
  • Very Short Range Air Defence System (VSHORADS) – नज़दीकी दूरी पर दुश्मन ड्रोन या विमान को मार गिराने वाली मिसाइल.
  • Directed Energy Weapon (DEW) – लेज़र तकनीक आधारित हथियार, जो उच्च ऊर्जा बीम से हवाई खतरों को तुरंत नष्ट कर सकता है.

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, परीक्षण के दौरान तीन अलग-अलग हवाई लक्ष्यों पर हमला किया गया. इनमें दो तेज गति से उड़ने वाले मानव रहित हवाई वाहन (UAV) और एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन शामिल थे. इन सभी को क्रमशः QRSAM, VSHORADS और लेज़र हथियार से अलग-अलग ऊँचाई और दूरी पर सफलतापूर्वक मार गिराया गया.

तीन लक्ष्यों पर सटीक वार

मंत्रालय ने बताया कि मिसाइल सिस्टम, ड्रोन पहचान व नष्ट करने की तकनीक, कमांड एंड कंट्रोल नेटवर्क, संचार साधन और राडार—सभी ने बेहतरीन ढंग से काम किया. परीक्षण की पुष्टि चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज पर तैनात उपकरणों ने की, जिन्होंने उड़ान के आंकड़े दर्ज किए.

पूरे ऑपरेशन को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL) द्वारा विकसित केंद्रीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से संचालित किया गया. वहीं VSHORADS को रिसर्च सेंटर इमारत और DEW को सेंटर फॉर हाई एनर्जी सिस्टम्स एंड साइंसेज़ ने डिजाइन किया है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, सशस्त्र बलों और उद्योग से जुड़े साझेदारों को इस उपलब्धि पर बधाई दी. उन्होंने कहा, ‘यह ऐतिहासिक उड़ान परीक्षण हमारे देश की बहु-स्तरीय वायु रक्षा क्षमता को प्रमाणित करता है और महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगा.’

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-भारत एक्सप्रेस 



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