पीएम मोदी ने गुरुवार को भारत के ‘नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड’ (NIIF) में ‘ऑस्ट्रेलियन सुपर’ (AustralianSuper) के 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर के अतिरिक्त निवेश का पुरजोर स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक कदम भारत की मजबूत ग्रोथ स्टोरी में दुनियाभर के अटूट भरोसे को स्पष्ट रूप से दर्शाता है. इस नए निवेश के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े पेंशन फंड ने भारत में सभी एसेट क्लास (संपत्ति श्रेणियों) में अपनी कुल होल्डिंग को बढ़ाकर 3.3 बिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर कर लिया है.
पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा- यह तेजी से बदलती भारतीय अर्थव्यवस्था में दुनिया के विश्वास की झलक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विशाल निवेश का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट किया-
“भारत, ऑस्ट्रेलियन सुपर के 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के अतिरिक्त निवेश का स्वागत करता है, जिसकी घोषणा आज सुबह मेलबर्न में उनके चीफ एग्जीक्यूटिव पॉल श्रोडर ने की. यह भारत की ग्रोथ और रिफॉर्म (सुधार) की राह में दुनिया के भरोसे की एक और बेहतरीन झलक है. यह उन बड़े और टिकाऊ मौकों को भी दिखाता है जो हमारी तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था दुनिया के दिग्गज निवेशकों को दे रही है.”
यह ऐतिहासिक घोषणा मेलबर्न में आयोजित ‘ऑस्ट्रेलिया-भारत वार्षिक लीडर्स समिट’ (Australia-India Annual Leaders’ Summit) के दौरान हुई, जिसमें ऑस्ट्रेलियन सुपर के चीफ एग्जीक्यूटिव पॉल श्रोडर को विशेष रूप से हिस्सा लेना था.
2019 के निवेश के बाद दूसरी बड़ी प्रतिबद्धता
यह नया वित्तीय कमिटमेंट (प्रतिबद्धता) साल 2019 में एनआईआईएफ (NIIF) में ऑस्ट्रेलियन सुपर के शुरुआती 240 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के निवेश की शानदार सफलता के बाद आया है. फंड ने अपने पिछले निवेश को वैश्विक स्तर पर अपने सबसे बेहतरीन परफॉर्म करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशों में से एक बताया है.
ऑस्ट्रेलियन सुपर के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) शॉन मैनुअल ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह निवेश भारत के दीर्घकालिक ग्रोथ प्रॉस्पेक्ट्स (विकास संभावनाओं) और स्थिर पॉलिसी एनवायरनमेंट (नीतिगत माहौल) में फंड के गहरे भरोसे को दिखाता है. शॉन मैनुअल ने कहा, “एनआईआईएफ में ऑस्ट्रेलियन सुपर का निवेश हमारी सबसे सफल साझेदारियों में से एक रहा है और इसीलिए हम अपने सदस्यों के लिए रिटर्न बढ़ाने में मदद करने के लिए भारत में फिर से निवेश करने को लेकर बेहद उत्साहित हैं.” उन्होंने आगे कहा-
“एनआईआईएफ के साथ हमारा अनुभव यह साबित करता है कि जब दीर्घकालिक कैपिटल (पूंजी) को दूरदर्शी पॉलिसी, भरोसेमंद इंस्टीट्यूशंस और मजबूत साझेदारी के साथ मिलाया जाता है, तो कितने बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं.”
मिडिल क्लास निवेश की मुख्य वजह
नए निवेश के पीछे के प्रमुख कारणों पर रोशनी डालते हुए मैनुअल ने कहा कि भारत सरकार की नीतियों में निरंतरता और एक जैसा रहना हमारे लिए सबसे अहम वजह बनी हुई है उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी मजबूत आर्थिक विकास दर और तेजी से बढ़ते मिडिल क्लास (मध्यम वर्ग) की वजह से वैश्विक स्तर पर निवेश करने के लिए एक बेहद आकर्षक और सुरक्षित जगह है. भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के लिए देश में कैपिटल को कामयाबी से लगाना काफी आसान बना दिया है. ऑस्ट्रेलियन सुपर एनआईआईएफ में यह दूसरा बड़ा निवेश इसलिए कर रहा है क्योंकि वे बुनियादी (फंडामेंटल) ताकतें भारत में अभी भी मौजूद हैं और हम यहाँ अपने सदस्यों के लिए ज्यादा रिटर्न की मजबूत संभावना देखते हैं.”
क्या है एनआईआईएफ (NIIF)?
साल 2015 में शुरू किया गया नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF), भारत सरकार द्वारा स्थापित एक विशेष मंच है. इसका मुख्य उद्देश्य देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र (इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर) में वैश्विक स्तर के लॉन्ग-टर्म इंस्टीट्यूशनल कैपिटल (दीर्घकालिक संस्थागत पूंजी) को बड़े पैमाने पर आकर्षित करना है.
इस नए एलान के अलावा, ऑस्ट्रेलियन सुपर पहले ही भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, इक्विटी (शेयर बाजार) और प्राइवेट मार्केट में लगभग 2.8 बिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर का निवेश कर चुका है, जो अब बढ़कर कुल 3.3 बिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर हो गया है.
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