Unclaimed Deposit In Banks: संसद में सोमवार (28 जुलाई) को बताया गया कि जून 2025 के अंत तक निजी कर्जदाताओं सहित बैंकों के पास बिना दावा किए (Unclaimed Deposit) गए 67,003 करोड़ रुपये जमा थे. भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, 30 जून, 2025 तक, पब्लिक सेक्टर के बैंकों के पास 58,330.26 करोड़ रुपये की दावा न किए गए जमा राशि थी, जबकि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के पास 8,673.72 करोड़ रुपये थे.
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि पब्लिक सेक्टर के बैंकों में SBI 19,329.92 करोड़ रुपये के अनक्लेम्ड डिपॉज़िट के साथ सबसे आगे है. इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक 6,910.67 करोड़ रुपये और केनरा बैंक 6,278.14 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड डिपॉज़िट के साथ दूसरे स्थान पर है.
उन्होंने बताया कि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में ICICI बैंक के पास सबसे ज्यादा 2,063.45 करोड़ रुपये की अघोषित जमा राशि है, जिसके बाद HDFC बैंक के पास 1,609.56 करोड़ रुपये और एक्सिस बैंक के पास 1,360.16 करोड़ रुपये की अघोषित जमा राशि है.
UDGAM ने अनक्लेम्ड डिपॉज़िट पता करना बनाया आसान
अनक्लेम्ड डिपॉज़िट की खोजबीन को आसान बनाने के लिए आरबीआई ने जनता के लिए केंद्रीकृत वेब पोर्टल UDGAM (अघोषित जमा-सूचना तक पहुंच का प्रवेश द्वार) शुरू किया है.
उन्होंने कहा, “1 जुलाई, 2025 तक, 8,59,683 यूजर्स ने UDGAM पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया और उसका उपयोग किया. यह पोर्टल रजिस्टर यूजर्स को केंद्रीकृत तरीके से एक ही जगह पर कई बैंकों में अनक्लेम्ड डिपॉज़िट को ढूंढने की सुविधा प्रदान करता है.”
फंड के देख-रेख के लिए एक कमेटी होगी
वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि अनक्लेम्ड डिपॉज़िट के उपयोग के बारे में आरबीआई ने कहा है कि डिपॉज़िटर्स (जमाकर्ता) शिक्षा और जागरूकता निधि योजना, 2014 के प्रावधानों के अनुसार, फंड के प्रबंधन के लिए एक कमेटी होगी. इस फंड का उपयोग डिपॉज़िटर्स के हितों को बढ़ावा देने और ऐसे अन्य उद्देश्यों के लिए किया जाएगा जो डिपॉज़िटर्स के हितों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक हो.
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-भारत एक्सप्रेस
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