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जबलपुर से बजेगी ‘डिजिटल क्रांति’ की घंटी, BSNL ने 4 दिग्गज कंपनियों से मिलाया हाथ

BSNL Partnership: भारत ने सस्ते इंटरनेट, यूपीआई पेमेंट और ई-गवर्नेंस की मिसाल पहले ही दुनिया को दी है. अब 5G, AI, IoT और साइबर सिक्योरिटी जैसी तकनीकों में भारत सिर्फ हिस्सा नहीं लेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर लीडर बनने की ओर बढ़ेगा.

BSNL Partnership

भारत की डिजिटल यात्रा एक निर्णायक मोड़ पर है. कनेक्टिविटी अब प्रगति की नई भाषा बन गई है, जो अर्थव्यवस्थाओं को नया आकार दे रही है. इससे ना सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ी है बल्कि नए अवसरों को भी बढ़ा रही है. इसी को देखते हुए बीएसएनएल (BSNL) ने एक निर्णायक कदम उठाया है. बीएसएनएल ने 4 दिग्गज टेक कंपनियों एरिक्सन , क्वालकॉम, सिस्को सिस्टम्स और नोकिया के साथ नई रणनीतिक साझेदारी की है.

यह साझेदारी ना सिर्फ भारत के टेलीकॉम सेक्टर की क्षमता बढ़ायेगी बल्कि भारत की युवा प्रतिभाओं को भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस करेगा.

जबलपुर बनेगा केंद्र

चारों कंपनियां मध्य प्रदेश के जबलपुर में बीएसएनएल के शीर्ष प्रशिक्षण संस्थान, भारत रत्न भीम राव अंबेडकर दूरसंचार प्रशिक्षण संस्थान (BRBRAITT) में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए हाथ मिला रही हैं.

  • एरिक्सन BRBRAITT में एक 5G उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेगा, जो युवाओं को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण देगा. साथ ही उन्हें बीएसएनएल के मज़बूत दूरसंचार ढांचे का लाभ भी मिलेगा.
  • क्वालकॉम उन्नत 5G और AI विषयों पर युवाओं को प्रशिक्षण देगा. सबसे पहले 100 छात्रों के लिए इंटर्नशिप और प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा. जिससे वो सीधे तौर पर रोजगार क्षेत्र में जुड़ सकेंगे.
  • सिस्को अपनी मशहूर नेटवर्किंग अकादमी को साइबर सिक्योरिटी और नेटवर्किंग ट्रेनिंग के लिए भारत में और विस्तार करेगा. सिस्को, गैर-लाभकारी संस्थानों के साथ सहयोग करके, यह सुनिश्चित करेगा कि भारत भर के छात्रों को, चाहे वे किसी भी स्थान पर हों, उद्योग-प्रासंगिक कौशल तक पहुंच प्राप्त हो.
  • नोकिया 5G और AI-ML लैब बनाएगा, जहां कोर नेटवर्क और नई टेलीकॉम एप्लिकेशन पर फोकस होगा. यहां से निकलने वाले छात्रों को बीएसएनएल और नोकिया का जॉइंट सर्टिफिकेट मिलेगा.

कौन कर सकेगा ट्रेनिंग?

इन कोर्सों में, कोर्स छोटे 2 हफ्ते के मॉड्यूल से लेकर लंबे 84 घंटे के प्रोग्राम तक होंगे. इनमें छात्र, कामकाजी प्रोफेशनल और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हो सकेंगे.

कौशल विकास के अलावा, यह पहल उत्पाद नवाचार, प्रोटोटाइपिंग और दूरसंचार उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगी, जिससे छात्र तकनीक के केवल उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि निर्माता भी बनेंगे.

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बीएसएनएल 18 साल बाद मुनाफे में

डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं के साथ यह कदम सीधे तौर पर जुड़ता है. खास बात यह भी है कि बीएसएनएल 18 साल बाद लगातार तिमाही मुनाफा दर्ज कर रहा है और इस साझेदारी से उसकी वापसी और मज़बूत होगी.

भारत ने सस्ते इंटरनेट, यूपीआई पेमेंट और ई-गवर्नेंस की मिसाल पहले ही दुनिया को दी है. अब 5G, AI, IoT और साइबर सिक्योरिटी जैसी तकनीकों में भारत सिर्फ हिस्सा नहीं लेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर लीडर बनने की ओर बढ़ेगा.

– भारत एक्सप्रेस



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