Bharat Express DD Free Dish

केंद्र ने गौतम बुद्ध नगर में 417 करोड़ रुपए के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने बुधवार को स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में 417 करोड़ रुपए के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) की स्थापना को मंजूरी दे दी.

Ashwini Vaishnaw : Railway Chhath Special Trains: 12,000 स्पेशल ट्रेनें दीवाली और छठ पर

केंद्र सरकार ने बुधवार को स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में 417 करोड़ रुपए के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) की स्थापना को मंजूरी दे दी. स्वीकृत ईएमसी 2.0 परियोजना का विकास यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) द्वारा किया जाएगा. क्लस्टर 200 एकड़ में फैला होगा और इसमें 2,500 करोड़ रुपए का निवेश आने की उम्मीद है.

परियोजना की समीक्षा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने की. आईटी मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि परियोजना को लागू करने में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका है.

अश्विनी वैष्णव ने कहा, “इस परियोजना से विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा और 15,000 नौकरियां पैदा होंगी. यह भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है. यह रोजगार सृजन और विकसित भारत के निर्माण पर सरकार के फोकस को दर्शाता है.”

अधिकारियों को परियोजना के तेजी से क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है. इस क्लस्टर से उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स, चिकित्सा उपकरण, कंप्यूटर हार्डवेयर और संचार उपकरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा.

परियोजनाओं में अब तक 30,000 करोड़ का निवेश

इस क्लस्टर में स्टार्टअप और एमएसएमई विश्व स्तरीय प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और शेयर्ड सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे. इसमें स्टैंडर्ड फैक्ट्री शेड, बिजली, पानी की व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट, हॉस्टल, कौशल विकास केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र आदि शामिल हैं. इससे इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मदद मिलेगी. क्लस्टर सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है.

मंत्रालय ने कहा कि यह यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और आगामी पलवल-खुर्जा एक्सप्रेसवे के साथ रणनीतिक रूप से स्थित है. यह साइट रेलवे स्टेशन और जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों के भी करीब है. इसके अतिरिक्त, यह क्लस्टर ईएमसी मेडिकल डिवाइस पार्क, एमएसएमई और अपैरल पार्क और एविएशन हब जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों से घिरा हुआ है.

ईएमसी योजना के तहत अब तक परियोजनाओं में लगभग 30,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जा चुका है. ईएमसी ने 520 कंपनियों को आकर्षित किया है, जिससे 86,000 से अधिक नौकरियां पैदा हुई हैं.


ये भी पढ़ें: ई-कॉमर्स 2030 तक भारत के 1 ट्रिलियन डॉलर के डिजिटल इकोनॉमी को देगा बढ़ावा: रिपोर्ट


-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read

Latest