Gautam Adani In Jain Temple
Gautam Adani In Jain Temple: अडानी समूह के चेयरमैन Gautam Adani ने अपनी पत्नी Priti Adani के साथ रविवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर गुजरात के तरंगा पहाड़ियों में स्थित श्री अजितनाथ भगवान श्वेतांबर जैन देरासर पहुंचे. जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की.
अडानी दंपति सुबह-सुबह मेहसाणा जिले के खेड़ालु तालुका स्थित डभोड़ा हेलीपैड पर पहुंचे, जहां जैन समुदाय के सदस्यों ने उनका स्वागत किया. इसके बाद वे पहाड़ी पर स्थित मंदिर पहुंचे. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद थे, जो इस दिन के महत्व को दर्शाता है.
12वीं शताब्दी में सोलंकी शासक ने कराया था निर्माण
यह मंदिर भगवान अजितनाथ को समर्पित है, जो जैन धर्म के दूसरे तीर्थंकर हैं. 12वीं शताब्दी में निर्मित इस मंदिर का संबंध सोलंकी शासक कुमारपाल से माना जाता है. यह आज भी जैन समुदाय के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है.

गौतम अडानी ने मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना की और परिसर में कुछ समय बिताया. इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए बने कैंटीन का भी संक्षिप्त दौरा किया.
श्रद्धालुओं की सुविधाओं और संरक्षण पर जोर
अपनी इस यात्रा के दौरान अडानी ने मंदिर के ट्रस्टी सचिन अशोकभाई शाह से मुलाकात की. इस बैठक में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने और मंदिर की वास्तुकला व आध्यात्मिक धरोहर को संरक्षित रखने पर चर्चा हुई.
अडानी समूह तरंगा पहाड़ियों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण कार्यों में भी सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है, जिससे आसपास के पर्यावरण के संरक्षण में योगदान दिया जा रहा है.
समृद्धि और दान-पुण्य का प्रतीक है अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया का हिंदू और जैन धर्म में विशेष महत्व है. यह दिन समृद्धि, नए कार्यों की शुरुआत और दान-पुण्य का प्रतीक माना जाता है. जैन परंपरा के अनुसार, इस दिन ऋषभनाथ को लंबे उपवास के बाद पहली बार आहार प्राप्त हुआ था, जिससे साधुओं को भोजन कराने की परंपरा की शुरुआत हुई.
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इससे पहले इसी महीने हनुमान जयंती के अवसर पर अडानी और उनके परिवार ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में भी पूजा-अर्चना की थी.
-भारत एक्सप्रेस
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