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गोल्डमैन सैक्स ने IIM-लखनऊ और आईआईएम अहमदाबाद के साथ महिला उद्यमी कार्यक्रम के लिए मिलाया हाथ

भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ का एंटरप्राइज़ इनक्यूबेशन सेंटर (IIM-L EIC) और भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद, गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) की भारत में ‘10,000 महिलाएं’ पहल के विस्तार के लिए नए शैक्षणिक भागीदार होंगे.

भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ का एंटरप्राइज़ इनक्यूबेशन सेंटर (IIM-L EIC) और भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद, गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) की भारत में ‘10,000 महिलाएं’ पहल के विस्तार के लिए नए शैक्षणिक भागीदार होंगे. इसके तहत दोनों संस्थान महिला उद्यमियों को उनके व्यवसाय को बढ़ाने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करेंगे.

इस विस्तार का उद्देश्य भारत की विकास गाथा को आगे बढ़ाने और राष्ट्र के “विकसित भारत 2047” विजन को प्रत्यक्ष रूप से समर्थन देने के लिए महिला उद्यमियों की क्षमता को उजागर करना है. यह पहल, एक वैश्विक कार्यक्रम है जो महिला उद्यमियों को व्यावसायिक शिक्षा, मार्गदर्शन, नेटवर्किंग और पूँजी तक पहुँच प्रदान करके आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है.

यह पहल अब भारत में तीन शैक्षणिक भागीदारों के साथ संचालित होगी, जिनमें मौजूदा भारतीय प्रबंधन संस्थान, बैंगलोर – NSRCEL भी शामिल है. कंपनी के एक बयान के अनुसार, NSRCEL के साथ मिलकर, इस कार्यक्रम का लक्ष्य अगले वर्ष भारत में 1,000 महिला उद्यमियों को स्नातक बनाना और 2033 तक लगभग 3,800 महिला उद्यमियों की वर्तमान कुल संख्या को बढ़ाकर 10,000 करना है.

गोल्डमैन सैक्स के भारत में व्यवसाय के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, संजय चटर्जी ने कहा, “हम भारत में महिला उद्यमियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोगुना कर रहे हैं. भारत के प्रमुख बिज़नेस स्कूलों के साथ हमारी साझेदारी का विस्तार इन उद्यमियों के लिए शिक्षा, मार्गदर्शन और नेटवर्क के एक शक्तिशाली संयोजन को बढ़ावा देगा. वे भारत के विकास के स्तंभ बनेंगे.”

महिला उद्यमिता को बढ़ावा केवल बाधाओं को तोड़ना नहीं

आईआईएम अहमदाबाद के निदेशक प्रो. भारत भास्कर ने कहा, “यह सहयोग महिला उद्यमियों के सामने आने वाली महत्वपूर्ण संरचनात्मक बाधाओं को दूर करने में मदद करता है, विशेष रूप से पूंजी और पेशेवर नेटवर्क तक पहुँचने में.” उन्होंने आगे कहा, “अपनी अकादमिक विशेषज्ञता को इस पहल की वैश्विक पहुँच के साथ जोड़कर, हम नवाचार को बढ़ावा देने, विकास को गति देने और महिलाओं को अपने व्यवसायों का विस्तार करने और भारतीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनने के लिए सशक्त बनाने हेतु महिला उद्यमियों के एक पारिस्थितिकी तंत्र को और मज़बूत कर सकते हैं.”

IIM-लखनऊ के निदेशक प्रो. एमपी गुप्ता ने कहा, “भारत में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना केवल बाधाओं को तोड़ना नहीं है, बल्कि एक ऐसा व्यापक प्रभाव पैदा करना है जो आने वाली पीढ़ियों के उद्यमियों को प्रेरित करे, अर्थव्यवस्था में महिलाओं के प्रभाव और योगदान को बढ़ावा दे और साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाए. आईआईएम-लखनऊ कार्यकारी संस्थान और गोल्डमैन सैक्स के बीच सहयोग इस विशिष्ट रूप से लक्षित पहल के माध्यम से महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. यह पहल बाधाओं को दूर करने और एक सहायक पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने में योगदान देगी जहाँ महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम फल-फूल सकें, विस्तार कर सकें और प्रेरणा दे सकें.”

गोल्डमैन सैक्स के “इंडिया वूमेनॉमिक्स” शोध में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि अगले दो दशकों में, भारत अनुकूल जनसांख्यिकी से लाभ उठाने की विशिष्ट स्थिति में है. इसका लाभ उठाने के लिए, देश को महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और उनकी समग्र श्रम शक्ति भागीदारी दर को बढ़ाने की आवश्यकता है, जो अन्य प्रमुख विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं से कम है.


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-भारत एक्सप्रेस



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