ICICI Bank ने न्यूनतम बैलेंस की सीमा बढ़ाई.
निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने सेविंग अकाउंट में न्यूनतम औसत बैलेंस सीमा में पांच गुना तक का इजाफा कर दिया है, जिसके बाद ग्राहकों को पहले के मुकाबले अधिक राशि अपने बचत खाते में रखनी होगी. बैंक की ओर से मेट्रो, शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण सभी क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए न्यूनतम औसत बैलेंस सीमा में वृद्धि की गई है.
ICICI Bank ने जारी की गाइडलाइंस
आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) के मुताबिक, अब मेट्रो और शहरी क्षेत्र के ग्राहकों को अपने बचत खाते में एक महीने के दौरान न्यूनतम 50,000 रुपए का औसत बैलेंस रखना होगा, पहले यह सीमा 10,000 रुपए थी, जो कि 5 गुना बढ़ोतरी को दर्शाता है. वहीं, अर्ध-शहरी क्षेत्र के ग्राहकों को अब महीने के दौरान औसत 25,000 रुपए का न्यूनतम औसत बैलेंस सेविंग अकाउंट में रखना होगा. पहले यह सीमा 5,000 रुपए थी.
यह भी पढ़ें- IT सेक्टर का बड़ा धमाका! 3 लाख से ज्यादा नौकरियां, बदल रही है देश की तस्वीर
इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों के लिए औसत मासिक बैलेंस सीमा को 2,500 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए कर दिया गया है. आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) की सेविंग अकाउंट के लिए नई न्यूनतम औसत बैलेंस की सीमा एक अगस्त से पूरे देश की सभी ब्रांच में प्रभावी हो गई है. आईसीआईसीआई बैंक 50,000 रुपए की अनिवार्यता के साथ, देश में सबसे अधिक न्यूनतम औसत बैलेंस सीमा वाले घरेलू बैंकों में से एक बन गया है.
सरकारी बैंक खत्म कर रहे अनिवार्यता
आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) के ग्राहक जो 1 अगस्त से संशोधित न्यूनतम राशि बनाए रखने में विफल रहेंगे, उन्हें अपडेटेड शुल्क अनुसूची के अनुसार पेनल्टी का सामना करना पड़ेगा. एक तरफ आईसीआईसीआई जैसे निजी बैंक न्यूनतम औसत बैलेंस की सीमा को बढ़ा रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ सरकारी बैंक इस अनिवार्यता को समाप्त कर रहे हैं.
बीते कुछ महीनों में कई सराकरी बैंक ने सेविंग अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता को समाप्त किया है, इन बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक ,केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशन बैंक शामिल हैं.
Also Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


