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भारत डिजिटल पायलट लाइसेंस शुरू करने वाला बना दूसरा देश, नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा- भविष्य में 20.000 पायलटों की जरूरत

वर्षों से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) स्मार्ट कार्ड प्रारूप में पायलट लाइसेंस जारी करता रहा है, जिसमें 62,000 से अधिक ऐसे लाइसेंस पहले ही वितरित किए जा चुके हैं. अकेले 2024 में औसतन प्रति माह 1,667 कार्ड के साथ लगभग 20,000 पायलटों को प्रिंटेड कार्ड लाइसेंस की आवश्यकता पड़ी.

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू. (फोटो: IANS)

भारत ने पायलटों के लिए इलेक्ट्रॉनिक कार्मिक लाइसेंस (EPL) की शुरुआत करके अपने नागरिक उड्डयन क्षेत्र के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण छलांग लगाई है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस पहल की शुरुआत की, जिससे भारत अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) से अनुमोदन के बाद डिजिटल पायलट लाइसेंस लागू करने वाला दुनिया का दूसरा देश बन गया.

पारंपरिक भौतिक लाइसेंसों की जगह EPL अब डिजिटल प्रारूप में उपलब्ध होगा, जिसे ईजीसीए (eGCA) मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से एक्सेस किया जा सकेगा. इस बदलाव से लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के साथ-साथ सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने की उम्मीद है. यह पहल भारत सरकार के “व्यापार करने में आसानी” और “डिजिटल इंडिया” के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो विमानन पेशेवरों के लिए एक सहज अनुभव सुनिश्चित करती है.

EPL को अपनाना आईसीएओ के एनेक्स 1 – कार्मिक लाइसेंसिंग में संशोधन 178 का अनुसरण करता है, जो बेहतर दक्षता और सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रॉनिक लाइसेंसिंग को प्रोत्साहित करता है. जबकि अग्रणी विमानन राष्ट्र अभी भी इसी तरह की प्रणालियों को लागू करने की प्रक्रिया में हैं, भारत ने वैश्विक बेंचमार्क स्थापित करते हुए इस परिवर्तन में तेजी से बढ़त हासिल की है.

भविष्य में 20.000 पायलटों की जरूरत

वर्षों से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) स्मार्ट कार्ड प्रारूप में पायलट लाइसेंस जारी करता रहा है, जिसमें 62,000 से अधिक ऐसे लाइसेंस पहले ही वितरित किए जा चुके हैं. अकेले 2024 में औसतन प्रति माह 1,667 कार्ड के साथ लगभग 20,000 पायलटों को प्रिंटेड कार्ड लाइसेंस की आवश्यकता पड़ी. EPL की शुरुआत के साथ भौतिक लाइसेंस पर निर्भरता धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी, जिससे देरी कम होगी और प्लास्टिक और कागज के उपयोग में कटौती होगी, जिससे पर्यावरणीय स्थिरता में योगदान मिलेगा.

विमानन पेशेवरों की बढ़ती मांग पर जोर देते हुए मंत्री राम मोहन नायडू ने इस बात पर जोर डाला कि भारत के तेजी से बढ़ते नागरिक विमानन क्षेत्र को निकट भविष्य में लगभग 20,000 नए पायलटों की आवश्यकता होगी. उन्होंने कहा कि पायलट उद्योग की रीढ़ हैं और ईजीसीए और ईपीएल जैसी डिजिटल पहल उनकी वैश्विक रोजगार क्षमता को बढ़ाएगी, जबकि सुरक्षा संचालन के लिए उनके क्रेडेंशियल तक वास्तविक समय तक पहुंच सुनिश्चित करेगी.

ईपीएल का शुभारंभ भारतीय विमानन में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक व्यापक प्रयास का हिस्सा है. सरकार ने पहले ही कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की हैं, जिनमें लाइसेंसिंग के लिए eGCA प्लेटफॉर्म, ड्रोन के लिए डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म और एयरलाइन संचालन के लिए इलेक्ट्रॉनिक फ्लाइट फोल्डर (EFF) शामिल हैं. इन प्रयासों का सामूहिक उद्देश्य विमानन क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना और भारत को डिजिटल विमानन समाधानों में अग्रणी बनाना है.


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-भारत एक्सप्रेस



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