India Electronics Export: केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार (20 जुलाई) को कहा कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 40 अरब डॉलर से अधिक हो गया है, जो पिछले 11 वर्षों में आठ गुना वृद्धि है. उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन छह गुना बढ़ गया है.
आईआईटी हैदराबाद के 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की तेज प्रगति पर भी बात की, जिसके अगस्त या सितंबर 2027 तक चालू होने की उम्मीद है.
भविष्य की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष कॉमर्शियल स्तर पर पहली मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप का निर्माण किया जाएगा. उन्होंने विश्वास जताया कि भारत आने वाले वर्षों में दुनिया के टॉप पांच सेमीकंडक्टर देशों में से एक बनने की राह पर है, इसके लिए उन्होंने पूंजीगत उपकरणों और सेमीकंडक्टरों के लिए आवश्यक सामग्रियों पर अपने बढ़ते फोकस का हवाला दिया.
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सिर्फ 11 सालों में हमने 6 गुना उत्पादन बढ़ाया है
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “केवल 11 वर्षों में हमने अपने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को छह गुना बढ़ा दिया है. यह एक ऐसा सीएजीआर है जिससे कोई भी कॉर्पोरेट ईर्ष्या करेगा. हमने अपने निर्यात को आठ गुना बढ़ाया है, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में 40 बिलियन डॉलर के निर्यात को पार कर लिया है, जो विकास की एक अभूतपूर्व गति है, कुछ ऐसा जो हमारे आकार के बहुत कम देशों ने कभी देखा है.”
उन्होंने इस वृद्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दिया और कहा कि लगभग साढ़े तीन वर्षों में भारत एक 4 जी टेलिकॉम स्टैक डिजाइन कर सकता है. आज 4G लगभग 90,000 टेलिकॉम टावरों पर लगा है. यह दुनिया के कई देशों के नेटवर्क से भी ज्यादा है.
-भारत एक्सप्रेस
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