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भारत का जलवा! इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट में 47% का उछाल; अब अगला टारगेट क्या?

India electronics export: भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 47% बढ़ा है. इसमें सबसे ज्यादा योगदान मोबाइल फोन सेगमेंट का है. जानिए क्या कहते हैं आंकड़े?

India electronics exports jump mobile phone segment

भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़ा

India electronics export: इन दिनों अमेरिका के टैरिफ के बीच भारत के व्यापार को लेकर चल रही है. इस बीच दिल को खुश करने वाले आंकड़े भी सामने आ रहे हैं. भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में काफी वृद्धि दर्ज की गई है. इसमें मोबाइल फोन क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. यह वृद्धि मुख्य रूप से मोबाइल फोन निर्यात में आई तेजी के कारण हुई है, जो इस अवधि में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है. इसके अलावा, गैर-मोबाइल जैसे सोलर मॉड्यूल, स्विचिंग और राउटिंग उपकरण, चार्जर, एडेप्टर और पुर्जे जैसे उत्पादों में भी अच्छी वृद्धि देखी गई है.

भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 47% से अधिक की वृद्धि के साथ 12.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. यह वृद्धि मुख्य रूप से मोबाइल फोन क्षेत्र में तेजी के कारण हुई है. इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के अनुसार, पिछले साल इसी अवधि में देश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 8.43 अरब डॉलर था.

निर्यात वृद्धि के प्रमुख क्षेत्र

इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के अनुसार, भारत का यह क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है. आने वाले वर्षों में इसके और भी मजबूत होने की उम्मीद है. आईसीईए के अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रू ने इस तेजी को और तेज करने की बात कही है. उन्होंने आईटी हार्डवेयर, वियरेबल्स, हियरेबल्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्यात में तेजी लाने पर जोर दिया है.

  • मोबाइल फोन निर्यात: 55% की वृद्धि के साथ 4.9 अरब डॉलर से 7.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.
  • गैर-मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स: सोलर मॉड्यूल, स्विचिंग और राउटिंग उपकरण, चार्जर, एडेप्टर और पुर्जे जैसे उत्पादों में 37% की वृद्धि देखी गई है. यह 3.53 अरब डॉलर से बढ़कर 4.8 अरब डॉलर हो गया है.

क्या बोले आईसीईए के अध्यक्ष?

आईसीईए के अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रू ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स के अन्य उत्पाद खंडों जैसे सोलर मॉड्यूल, नेटवर्किंग उपकरण, चार्जर और पुर्जे में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. अब हमें आईटी हार्डवेयर, वियरेबल्स, हियरेबल्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्यात में तेजी लानी होगी.

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2026 का टारगेट सेट

आईसीईए का अनुमान है कि मौजूदा गति को देखते हुए, वित्त वर्ष 2026 में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में और वृद्धि होने की संभावना है. अनुमान है कि मौजूदा गति को देखते हुए, वित्त वर्ष 2026 में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 46 से 50 अरब डॉलर के बीच रहने की संभावना है. पिछले एक दशक में, भारत में कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 31 अरब डॉलर से बढ़कर 133 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.

कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में बढ़ोतरी

  • वित्त वर्ष 2024 में 29.1 अरब डॉलर था
  • वित्त वर्ष 2025 में 38.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया

इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारत का निर्यात क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है और आने वाले वर्षों में इसके और भी मजबूत होने की उम्मीद है. कुल मिलाकर, भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात क्षेत्र एक महत्वपूर्ण विकास चरण में है और इसके भविष्य के लिए सकारात्मक अनुमान हैं. इस क्षेत्र में और अधिक निवेश और समर्थन से भारत की अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है.



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