भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में 2028 तक करीब 1 अरब डॉलर का निवेश आने की संभावना है. यह जानकारी JLL ने एक रिपोर्ट में दी है, जो एक्सक्लूसिव रूप से ईटी के साथ साझा की गई.
पिछले साल भारत में होटल सेक्टर में 340 मिलियन डॉलर के लेनदेन हुए थे. लेकिन अब कॉरपोरेट M&A गतिविधियों, नई परियोजनाओं और पूंजी प्रवाह में तेजी के चलते 2028 तक निवेश के आंकड़े काफी बढ़ने की उम्मीद है.
JLL होटल्स एंड हॉस्पिटैलिटी ग्रुप के एशिया पैसिफिक CEO निहत एरकन ने कहा कि पिछले साल एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में 12.2 अरब डॉलर के होटल सौदे हुए. इसमें जापान सबसे मजबूत बाजार रहा, जहां कुल लेनदेन का 40% हिस्सा रहा.
2024 में भारत में सबसे ज्यादा होटल सौदे हुए. वहीं 2025 की पहली तिमाही में अब तक 117 मिलियन डॉलर के होटल लेनदेन दर्ज किए गए हैं.
आने वाले वर्षों में और बढ़ेगा बाजार
एरकन के मुताबिक, फिलहाल चल रही परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पूंजी पुनर्चक्रण, पुनर्वित्त या पुनर्पूंजीकरण गतिविधियां तेज होंगी. उन्होंने कहा कि भारत का बाजार मजबूत गति पकड़ रहा है और इससे लिक्विडिटी बढ़ेगी और कॉरपोरेट M&A के अवसर भी खुल सकते हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि निवेशकों की मांग बनी हुई है, भले ही वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता हो. पहली बार निवेश करने वाले भी अब हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी को देखकर बाजार में उतर रहे हैं.
छोटे शहरों में भी हो रहा है निवेश
JLL के अनुसार, भारत में 2024 में हुए करीब आधे होटल सौदे टियर-2 और टियर-3 शहरों में हुए. इन सौदों में बिना ब्रांड वाले मिड-रेंज होटल्स और छोटे शहरों के साधारण होटल शामिल रहे.
अमृतसर, मथुरा, बीकानेर, कोल्हापुर, लोनावला, महाबलेश्वर, शिरडी, इगतपुरी और तिरुपति जैसे शहरों में निवेश गतिविधि देखी गई. इससे भारत के छोटे बाजारों में भी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की पहुंच तेजी से बढ़ रही है.
JLL का मानना है कि इस साल भारत में एयरपोर्ट, कन्वेंशन सेंटर और पर्यटन केंद्रों के आस-पास भी ऑपरेशनल होटल्स और हॉस्पिटैलिटी ज़ोन में कई बड़े सौदे देखने को मिल सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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