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भारत-न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील; अब कीवियों के देश में नौकरी करना होगा आसान, भारत के खजाने में आएंगे ₹1.6 लाख करोड़

पीएम मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन ने ऐतिहासिक व्यापार समझौते का ऐलान किया है. 9 महीने में तैयार हुई इस डील से भारतीय आईटी, टेक्सटाइल और योग गुरुओं को न्यूजीलैंड में बड़े मौके मिलेंगे.

India New Zealand FTA

India New Zealand FTA: भारत और न्यूजीलैंड के बीच रिश्तों का एक नया दौर शुरू हो गया है. दोनों देशों ने सोमवार को एक ऐतिहासिक ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (FTA) पर मुहर लगा दी है. इस डील की सबसे खास बात इसकी रफ्तार है महज 9 महीने के भीतर इसे पूरा कर लिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने फोन पर बातचीत के बाद इस ‘मेगा डील’ का ऐलान किया. दोनों देशों का लक्ष्य अगले 5 सालों में आपसी व्यापार को दोगुना करने का है.

नौकरी और पढ़ाई के खुलेंगे नए रास्ते

इस समझौते में भारतीय युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी खुशखबरी छिपी है. अब न्यूजीलैंड में पढ़ाई के साथ-साथ काम करना और डिग्री पूरी करने के बाद वहां रुककर नौकरी ढूंढना काफी आसान हो जाएगा.

सबसे बड़ी बात यह है कि भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए एक ‘स्पेशल वीजा कोटा’ तैयार किया गया है. इसके तहत 5,000 भारतीय प्रोफेशनल किसी भी समय न्यूजीलैंड में रहकर तीन साल तक काम कर सकेंगे. इसमें खास तौर पर आयुष डॉक्टर और योग प्रशिक्षकों के लिए नए रास्ते खोले गए हैं. साथ ही ‘वर्किंग हॉलीडे वीजा’ का फ्रेमवर्क भी तैयार किया गया है, जो युवाओं के लिए घूमने और कमाने का शानदार मौका होगा.

डेयरी और खेती पर भारत का ‘नो कॉम्प्रोमाइज’

अक्सर चर्चा रहती थी कि क्या न्यूजीलैंड का दूध और पनीर भारतीय बाजारों में आएगा? वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस पर साफ-साफ कह दिया है- “भारत किसी भी कीमत पर अपना डेयरी सेक्टर विदेशी कंपनियों के लिए नहीं खोलेगा.”

भारतीय किसानों के हितों की रक्षा के लिए दूध, दही, पनीर, प्याज, चीनी, मसाले और खाने के तेल जैसी करीब 30% चीजों को इस समझौते से बाहर रखा गया है. यानी न्यूजीलैंड से ये चीजें सस्ती होकर भारत नहीं आएंगी, जिससे हमारे किसानों की कमाई सुरक्षित रहेगी. हालांकि, न्यूजीलैंड अपनी आधुनिक तकनीक भारत के साथ साझा करेगा ताकि हमारे डेयरी किसान और फल उत्पादक अपनी पैदावार और आय बढ़ा सकें.

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भारत के इन सामानों की मचेगी धूम

इस समझौते के बाद भारत से जाने वाले कपड़ों, चमड़े के सामान, जूते, जेम्स एंड ज्वेलरी, हस्तशिल्प और ऑटोमोबाइल सेक्टर के प्रोडक्ट्स पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. इससे भारतीय सामान न्यूजीलैंड के बाजार में काफी सस्ते और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे, जिसका सीधा फायदा हमारे देश के एक्सपोर्टर्स और मैन्युफैक्चरर्स को होगा.

₹1.6 लाख करोड़ का भारी-भरकम निवेश

व्यापार के साथ-साथ निवेश के मोर्चे पर भी बड़ी खबर है. न्यूजीलैंड ने वादा किया है कि वह अगले 15 सालों में भारत में 20 बिलियन डॉलर (करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगा. यह निवेश भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों में नई जान फूंकेगा.

पीयूष गोयल के मुताबिक, यह समझौता देश के हर कोने- उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और पूर्वोत्तर के लिए नए अवसर लेकर आएगा. वैश्विक तनाव के इस दौर में, न्यूजीलैंड के साथ यह रणनीतिक साझेदारी न केवल आर्थिक मजबूती देगी, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत के कद को और ऊंचा करेगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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