India Strategic Petroleum Reserve crude oil price crisis: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों ने एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर लिया है. 27 फरवरी से अब तक तेल के दामों में 37% की भारी तेजी आ चुकी है. भारत में महंगाई का बम न फूटे, इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई वाली हाई-लेवल कमिटी ने मोर्चा संभाल लिया है.
मार्केट एक्सपर्ट्स डरा रहे हैं कि अगर हालात नहीं सुधरे तो तेल 125 डॉलर तक जा सकता है. ऐसे में अमित शाह, एस. जयशंकर और हरदीप सिंह पुरी की यह ‘त्रिमूर्ति’ भारत के Strategic Petroleum Reserve (SPR) यानी आपातकालीन तेल भंडार को इस्तेमाल करने पर बड़ा फैसला ले सकती है.
दुनिया ने खोले भंडार, क्या भारत भी करेगा ऐसा?
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने इतिहास की सबसे बड़ी रिलीज यानी 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में उतारने का फैसला किया है. ट्रंप ने भी अमेरिका के रिजर्व से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने की बात कही है. भारत की कमिटी इस बात पर मंथन कर रही है कि क्या हमें भी अपने रिजर्व का इस्तेमाल अभी करना चाहिए या इसे और बुरे वक्त के लिए बचाकर रखना चाहिए.
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अमित शाह की क्या है रणनीति?
सूत्रों का कहना है कि शाह का फोकस सप्लाई चेन को डायवर्ट करने पर भी है. हॉर्मुज का रास्ता बंद होने के बावजूद भारत ने अन्य वैकल्पिक रास्तों से सप्लाई को 55% से बढ़ाकर 70% कर दिया है. सरकार का सीधा संदेश है कि दुनिया में युद्ध चले या कीमतें बढ़ें, भारत के बाजार में न तो तेल की कमी होने दी जाएगी और न ही गैस की.
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-भारत एक्सप्रेस
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