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2025 की पहली छमाही में रियल एस्टेट कैपिटल फ्लो के मामले में भारत एशिया प्रशांत में चौथे स्थान पर: रिपोर्ट

कोलियर्स की ताज़ा “इन्वेस्टमेंट इनसाइट्स एच1 2025” रिपोर्ट के अनुसार, नौ प्रमुख एशिया-प्रशांत बाजारों में रियल एस्टेट निवेश 6 प्रतिशत की साल-दर-साल गिरावट के बावजूद $71.9 बिलियन तक पहुंच गया.

भारत 2025 की पहली छमाही में भूमि और विकास पूंजी के लिए चौथा सबसे बड़ा वैश्विक गंतव्य बनकर उभरा है, जो एशिया-प्रशांत के रियल एस्टेट लैंडस्केप में इसकी बढ़ती प्रमुखता को दर्शाता है. कोलियर्स की ताज़ा “इन्वेस्टमेंट इनसाइट्स एच1 2025” रिपोर्ट के अनुसार, नौ प्रमुख एशिया-प्रशांत बाजारों में रियल एस्टेट निवेश 6 प्रतिशत की साल-दर-साल गिरावट के बावजूद $71.9 बिलियन तक पहुंच गया और भारत लगातार मजबूत विदेशी और घरेलू निवेश आकर्षित कर रहा है.

कोलियर्स इंडिया के सीईओ बादल याग्निक ने कहा, “भारत एशिया-प्रशांत के रियल एस्टेट निवेश परिदृश्य में एक आशाजनक देश के रूप में उभर रहा है. विदेशी निवेश $1.6 बिलियन के साथ मजबूत बना रहा और एच1 2025 के दौरान भारत में संस्थागत निवेश का लगभग 52 प्रतिशत रहा.”

घरेलू पूंजी निवेश में साल-दर-साल 53 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो इस अवधि के दौरान सभी रियल एस्टेट निवेश का लगभग आधा हिस्सा रहा. आवासीय और कार्यालय जैसी प्रमुख असेट श्रेणियों में मज़बूत वृद्धि के साथ, कोलियर्स को उम्मीद है कि 2025 स्थिर ब्याज दरों और त्योहारी सीज़न में अनुमानित खपत वृद्धि के साथ मज़बूती से समाप्त होगा.

2025 की पहली छमाही में PE भूमि सौदे

वैश्विक और घरेलू निवेशकों के लिए भारत का आकर्षण वर्ष की पहली छमाही के दौरान प्रमुख निजी इक्विटी भूमि लेनदेन में स्पष्ट दिखाई दिया.

  • ब्रुकफील्ड ग्रुप (मून होल्डिंग्स डीआईएफसी) ने सुप्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया की प्रमोटर समूह कंपनियों के माध्यम से मुंबई में कार्यालय विकास के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 70.1 मिलियन डॉलर का निवेश किया.
  • अल्टा कैपिटल द्वारा समर्थित इकोबॉक्स इंडस्ट्रियल पार्क्स ने चेन्नई में औद्योगिक और वेयरहाउसिंग भूमि के लिए 48.3 मिलियन डॉलर का निवेश किया.
  • गोल्डन ग्रोथ फंड ने दिल्ली-एनसीआर में 21.1 मिलियन डॉलर मूल्य की आवासीय भूमि का अधिग्रहण किया.

डेवलपमेंटल असेट में पीई सौदे

प्लेटफ़ॉर्म निर्माण से लेकर निर्माण तक डेवलपमेंटल असेट में निवेश 2025 की पहली छमाही में एक प्रमुख फोकस क्षेत्र बना रहा.

  • वेलस्पन वन WOLP फंड 2 ने बहु-शहर औद्योगिक और वेयरहाउसिंग परियोजनाओं में $229.4 मिलियन का निवेश किया.
  • एचडीएफसी कैपिटल एडवाइजर्स लिमिटेड और एल्डेको ग्रुप ने संयुक्त रूप से कई शहरों में आवासीय विकास के लिए $175 मिलियन का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई.
  • कैपिटललैंड इंडिया ट्रस्ट (CLINT) ने बेंगलुरु में $116 मिलियन की कार्यालय परियोजना के लिए माइया एस्टेट्स के साथ साझेदारी की.
  • मित्सुबिशी एस्टेट कंपनी लिमिटेड और बिड़ला एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड ने बेंगलुरु की रेसिडोंसियल असेट में $65 मिलियन का निवेश करने के लिए एक संयुक्त उद्यम शुरू किया.
  • पीएजी ने मुंबई में अश्विन शेठ ग्रुप के साथ आवासीय परियोजनाओं में $65 मिलियन का निवेश किया.

कोलियर्स इंडिया के राष्ट्रीय निदेशक एवं अनुसंधान प्रमुख विमल नादर ने कहा, “एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत की प्रमुखता लगातार बढ़ रही है, जिसकी वजह रियल एस्टेट परिसंपत्ति वर्गों में मज़बूत मांग में तेज़ी है.”

विमल नादर ने बताया कि 2025 की दूसरी छमाही भी उतनी ही अच्छी रहने की उम्मीद है, क्योंकि कार्यालय और आवासीय जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है, साथ ही डेटा सेंटर, वरिष्ठ नागरिकों के रहने की जगह और जीवन विज्ञान जैसी वैकल्पिक असेट में भी निवेश बढ़ रहा है.


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-भारत एक्सप्रेस



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