भारत में वेतन वृद्धि को लेकर अच्छी खबर आई है. EY की “फ्यूचर ऑफ पे” रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत में औसत वेतन 9.4% बढ़ेगा. हालांकि, यह 2024 के 9.6% से थोड़ा कम रहेगा. ई-कॉमर्स सेक्टर में 10.5% की वेतन वृद्धि होने की उम्मीद है. इसकी वजह डिजिटल कॉमर्स का तेजी से बढ़ना, उपभोक्ताओं का अधिक खर्च करना और नई तकनीकों का विस्तार है.
वित्तीय सेवा क्षेत्र भी पीछे नहीं है. यहां 10.3% वेतन वृद्धि हो सकती है, खासतौर पर फिनटेक, डिजिटल बैंकिंग और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग के कारण.
अन्य क्षेत्रों में वेतन वृद्धि के रुझान
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) में वेतन वृद्धि 10.2% तक पहुंच सकती है, जो 2024 में 10.0% थी.
- आईटी सेक्टर में वेतन वृद्धि 9.6% रहने का अनुमान है, जो 2024 में 9.8% थी.
- आईटी-इनेबल्ड सर्विसेज (ITES) में वेतन वृद्धि 9% रहेगी, जो 2024 में 9.2% थी.
नौकरी में स्थिरता और नई मांगें
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां अब वेतन से ज्यादा लचीलापन (Flexibility) और वित्तीय सुरक्षा (Financial Security) पर ध्यान दे रही हैं.
- कर्मचारियों की त्यागपत्र दर (Attrition Rate) 2023 में 18.3% से घटकर 2024 में 17.5% हो गई.
- एआई (AI) विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है, खासकर मशीन लर्निंग और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग में.
- CEO वेतन में 18-20% की वृद्धि हुई, जहां प्रोमोटर CEOs को प्रोफेशनल CEOs से 30-40% ज्यादा वेतन मिल रहा है.
वर्क फ्रॉम होम और नई वर्किंग पॉलिसी
रिपोर्ट बताती है कि अब कंपनियां पारंपरिक वेतन संरचना से आगे बढ़ रही हैं.
- 90% कर्मचारी हाइब्रिड मोड (ऑफिस + वर्क फ्रॉम होम) में काम कर रहे हैं.
- 50% कंपनियां गिग और टेम्पररी जॉब्स की ओर रुझान दिखा रही हैं.
- 65% कंपनियां मानती हैं कि लचीले वर्क ऑप्शंस टैलेंट हायरिंग में अहम भूमिका निभाते हैं.
ESOPs, RSUs और SARs जैसी योजनाओं को अपनाने वाली कंपनियों की संख्या 2020 में 63% से बढ़कर 2024 में 75% हो गई. ESOPs (71%) सबसे लोकप्रिय लॉन्ग-टर्म इंसेंटिव बने हुए हैं.
ये भी पढ़ें- भारत में यात्री वाहन बिक्री में अगले वित्त वर्ष 4-7% की वृद्धि की उम्मीद: ICRA
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


