India-UK Trade Deal: भारत-ब्रिटेन व्यापार और आर्थिक संबंधों के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टारमर ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए, जिससे वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार में लगभग 34 अरब डॉलर की वृद्धि होगी.
इस ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते के तहत, भारत ब्रिटेन के 90 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क में कटौती करेगा, जबकि ब्रिटेन 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर शुल्क कम करेगा, जिससे सभी क्षेत्रों में शुल्क सीमा और नियामक प्रक्रियाओं में बड़ी कमी आएगी.
यह समझौता ब्रिटेन के लिए एक बड़ी जीत: पीएम स्टारमर
ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टारमर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारत के साथ हमारा ऐतिहासिक व्यापार समझौता ब्रिटेन के लिए एक बड़ी जीत है. इससे पूरे ब्रिटेन में हजारों नौकरियां पैदा होंगी, व्यवसायों के लिए नए अवसर खुलेंगे और देश के हर कोने में विकास को गति मिलेगी.”
इस समझौते से स्कॉच व्हिस्की, जिन, लग्जरी कारें, कॉस्मेटिक और चिकित्सा उपकरण जैसे आयातित सामान भारतीय उपभोक्ताओं के लिए और अधिक किफायती हो जाएंगे.
Significant words by UK PM Starmer
Most significant deal since UK left the EU pic.twitter.com/10ZMzAKO3L
— DD India (@DDIndialive) July 24, 2025
पीएम स्टारमर ने इसे ‘ब्रिटेन के यूरोपीय संघ छोड़ने के बाद से सबसे महत्वपूर्ण समझौता’ बताया और इसकी व्यापक प्रकृति और आर्थिक महत्व पर बात की. उन्होंने कहा कि इस एफटीए से भारत और ब्रिटेन के बीच वार्षिक व्यापार में 25.5 अरब पाउंड की वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे युवाओं, किसानों, मछुआरों और एमएसएमई क्षेत्र जैसे क्षेत्रों को लाभ होगा.
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ज़ीरो टैरिफ से कंपटीशन बढ़ने की उम्मीद
मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के होने से भारतीय कृषि उत्पादों को जर्मनी जैसे प्रमुख यूरोपीय निर्यातकों के साथ टैरिफ समानता प्राप्त होगी. कपड़ा और चमड़े पर ज़ीरो टैरिफ से बांग्लादेश और कंबोडिया जैसे देशों से भारत की प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है.
इस करार से भारत के चमड़ा क्षेत्र की हिस्सेदारी अगले दो वर्षों में यूके के बाजार में 5 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है.
इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग निर्यात 2030 तक होंगे दोगुना
अनुमान के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग निर्यात 2030 तक दोगुना होने की संभावना है, जबकि रत्न और आभूषण निर्यात अगले तीन वर्षों में दोगुना (वर्तमान 941 मिलियन डॉलर से) होने की संभावना है. अधिकारियों का अनुमान है कि इस डील से लंबी अवधि में भारत को यूके का निर्यात लगभग 60 प्रतिशत बढ़ जाएगा.
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने चेकर्स एस्टेट में स्टारमर से मुलाकात कर ब्रिटेन की अपनी चौथी यात्रा पर आधिकारिक कार्यक्रम शुरू किए थे.
-भारत एक्सप्रेस
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