ट्रेड डील पर गोयल का सबसे बड़ा अल्टीमेटम
India US Trade Deal: केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और अमेरिका के बीच चल रही उच्च दांव वाली द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की बातचीत को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उनके बयान ने इस डील पर सस्पेंस बढ़ा दिया है. गोयल ने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में आगे बढ़ रही है. वहीं उन्होंने लाल लाइन भी खींच दी है. सरकार इसके असर का परीक्षण कर रही है और सभी हितधारकों से बात करके आकलन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका लगातार भारत के कृषि क्षेत्र में रियायतें चाह रहा है. दोनों देशों के अधिकारियों ने समझौते (Piyush Goyal On India US Trade Deal) के पहले चरण को अक्टूबर-नवंबर 2025 तक पूरा करने की समय सीमा तय की है, जिसके चलते यह सवाल गहरा गया है कि क्या भारत अपने कोर सेक्टरों की सुरक्षा करते हुए इस गुप्त डेडलाइन को पूरा कर पाएगा.
आखिर कहा क्या है पीयूष गोयल ने?
पीयूष गोयल ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत के किसानों, मछुआरों और MSME (सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम) क्षेत्रों के हितों की रक्षा के लिए तैयार है. उनको पीछे छोड़कर कोई समझौता नहीं हो सकता. सभी हितधारकों से बात करके आकलन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. गोयल ने बताया कि अमेरिका ने 1 अगस्त से भारतीय वस्तुओं पर 25% तक का टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जिसे बाद में 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा.
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व्यापार समझौते की प्रगति
गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है और जल्द ही इसका परिणाम सामने आएगा. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच पांच दौर की वार्ता हो चुकी है और आगे की योजना पर काम चल रहा है. अमेरिकी शुल्क के कारण वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के निर्यात में सकारात्मक वृद्धि होगी. उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर) के दौरान देश के वस्तु और सेवा निर्यात में लगभग पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.
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