इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म कोरूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के इन्फ्लुएंसर की संख्या 40 लाख से अधिक हो गई है, जो 2020 में 10 लाख से भी कम थी. दिसंबर तक तीन गुना से अधिक वृद्धि में शीर्ष तीन श्रेणियां फैशन, गेमिंग और कला और मनोरंजन हैं. रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि इन तीनों कैटेगरी के अपने नेतृत्व को बनाए रखने की उम्मीद है, जिसमें फैशन इन्फ्लुएंसर सबसे प्रमुख स्थान रखते हैं. 2025 में 470,000 इन्फ्लुएंसर होंगे. गेमिंग इंडस्ट्री 467,000 क्रिएटर्स के साथ दूसरे स्थान पर होगा, और कला और मनोरंजन कैटेगरी में वर्ष के अंत तक 430,000 इन्फ्लुएंसर तक पहुंचने का अनुमान है.
इनफ्लुएंसर की रणनीतिक भूमिका
इन इन्फ्लुएंसर के पास सार्वजनिक Instagram अकाउंट और 1,000 से अधिक फॉलोअर हैं. वे अपने दर्शकों से बेहतर तरीके से जुड़ने वाले अधिक लक्षित कंटेंट बनाने के लिए खुद को अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत करते हैं. यह ब्रांडों के लिए इन क्रिएटर्स की सोशल मीडिया लोकप्रियता का लाभ उठाकर अपने उत्पादों का प्रचार करने के अवसरों का फायदा उठाती है.
गुरुवार को प्रेस स्टेटमेंट में क्यूरूज़ में ब्रांड अलायंस के सह-संस्थापक और प्रमुख आदित्य गुरुवारा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हमने देखा है कि ब्रांड अपनी मार्केटिंग रणनीतियों के प्रति किस तरह से रुख अपनाते हैं. प्रभावशाली लोग प्रोडक्ट के प्रचार से आगे बढ़कर ब्रांड के लिए रणनीतिक भागीदार बन गए हैं. वे प्रामाणिक, कंटेक्स्ट आधारिक कंटेंट बनाते हैं, जो दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ती है, जिससे अभियान पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली बन जाते हैं.” गुरुवारा ने कहा कि गेमिंग, ट्रैवलिंग और जीवनशैली जैसी श्रेणियों में वृद्धि उन ब्रांडों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो ऐसे क्रिएटर्स के साथ जुड़ना चाहते हैं जो वास्तव में अपने दर्शकों को समझते हैं.
उन्होंने कहा, “सफलता की कुंजी इन क्रिएटर्स के साथ लॉन्ग टर्म रिलेशन बनाने, सही फिट की पहचान करने के लिए डेटा का लाभ उठाने और ऐसे अभियान बनाने में निहित है जो वास्तविक जुड़ाव और विश्वास को बढ़ाने के लिए सिर्फ पहुंच से आगे बढ़ते हैं. यह सिर्फ़ मार्केटिंग का भविष्य नहीं है, यह पहले से ही वर्तमान को आकार दे रहा है.”
यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने अपने मन की बात संबोधन में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हासिल करने में क्रिएटर अर्थव्यवस्था के महत्व पर जोर दिया था. भारत में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग उद्योग के 2026 में ₹3,375 करोड़ तक बढ़ने की उम्मीद है, जो पिछले साल ₹2,344 करोड़ था.
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-भारत एक्सप्रेस
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