LIC On Washington Post: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की ओर से शनिवार को ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ की झूठी रिपोर्टों का खंडन किया गया. एलआईसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इन आरोपों को झूठा बताया है. एलआईसी की ओर से ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ के आर्टिकल के जवाब में कहा गया है कि वॉशिंगटन पोस्ट ने आरोप लगाए हैं कि एलआईसी के निवेश से जुड़े फैसले बाहरी फैक्टर्स से प्रभावित होते हैं. ये सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं.
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि आर्टिकल में बताए गए ऐसे किसी भी डॉक्यूमेंट या प्लान को एलआईसी ने कभी तैयार नहीं किया, जो एलआईसी द्वारा अदाणी ग्रुप की कंपनियों में फंड डालने के लिए एक रोडमैप बनाता हो. एलआईसी ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि निवेश के फैसले एलआईसी द्वारा बोर्ड से मंजूर पॉलिसी के अनुसार, पूरी जांच-पड़ताल के बाद स्वतंत्र रूप से लिए जाते हैं.
LIC ने जारी किया बयान
साथ ही कंपनी ने यह भी साफ किया कि फाइनेंशियल सर्विसेज डिपार्टमेंट या किसी अन्य संस्था का ऐसे फैसलों में किसी तरह की कोई भूमिका नहीं होती.कंपनी ने अपने बयान में कहा-
एलआईसी ने ड्यू डिलिजेंस के उच्चतम स्टैंडर्ड्स को सुनिश्चित किया है और निवेश के सभी फैसले सभी स्टेकहोल्डर्स के सर्वोत्तम हित में, मौजूदा पॉलिसी, एक्ट्स के प्रावधानों और रेगुलेटरी गाइडलाइंस के पालन में किए गए हैं.
प्रतिष्ठा खराब करने का इरादा
एलआईसी की ओर से यह भी कहा गया कि आर्टिकल में कथित बयान कंपनी की निर्णय लेने की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाते हैं. साथ ही, ये आरोप एलआईसी और भारत के मजबूत फाइनेंशियल सेक्टर की प्रतिष्ठा और छवि को खराब करने के इरादे से लगाए गए हैं.
ये भी पढ़ें: पहले चरण की ‘महाभारत’ शुरू! 121 सीटों पर 1314 दावेदार, कहां से कितने प्रत्याशी? देखें पूरी लिस्ट
LIC के नेट प्रॉफिट में बढ़ोतरी
इस बीच, कंपनी ने वित्त वर्ष 26 की अप्रैल-जून तिमाही में 10,957 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जो वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही की तुलना में 3.91 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है. एलआईसी की शुद्ध प्रीमियम आय भी 4.7 प्रतिशत बढ़कर 1,19,618 करोड़ रुपए हो गई है. एलआईसी जीवन बीमा उद्योग में प्रथम वर्ष की प्रीमियम आय में 63 प्रतिशत से अधिक की बाजार हिस्सेदारी के साथ अपना नेतृत्व बनाए हुए है.
नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
