महा कुंभ मेला 2025 ने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) के संचालन को नई रफ्तार दी है. नवंबर 2023 से सेवाएं शुरू करने वाले ईडीएफसी पर इस मेले के चलते मालगाड़ियों का परिचालन बढ़ा दिया गया है. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, भारतीय रेलवे ने सामान्य नेटवर्क पर चलने वाली मालगाड़ियों को ईडीएफसी पर स्थानांतरित किया है, ताकि कुंभ मेला के दौरान अधिक यात्री ट्रेनों का संचालन संभव हो सके.
13 जनवरी से शुरू हुआ यह 45 दिन का महा कुंभ मेला प्रयागराज में हो रहा है और इसमें 400 से 450 मिलियन श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है.
DFCCIL के अधिकारी ने बताया कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य भारतीय रेलवे नेटवर्क पर चलने वाली मालगाड़ियों को इस कॉरिडोर पर लाना था, ताकि माल ढुलाई सुगम और प्रभावी हो सके. उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर मध्य रेलवे की 80% से अधिक मालगाड़ियां कुंभ मेला के दौरान ईडीएफसी पर चल रही हैं.
पहली बार ईडीएफसी पर मालगाड़ियां
यह पहली बार है जब भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क से मालगाड़ियों को ईडीएफसी पर स्थानांतरित किया है. लुधियाना (पंजाब) से दनकुनी (पश्चिम बंगाल) तक 1,337 किमी की दूरी तय करने वाला यह कॉरिडोर माल परिवहन के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है.
ईडीएफसी पर चलने वाली मालगाड़ियों द्वारा कोयला, खाद, अनाज, स्टील कॉइल, चूना पत्थर और ग्रेनाइट जैसे सामानों का परिवहन किया जा रहा है. फीडर लाइनों के माध्यम से मालगाड़ियां भारतीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ती हैं और सामान उतारने व लोड करने का काम करती हैं.
यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी है
DFCCIL के अधिकारी चाहते हैं कि कुंभ मेला के बाद भी मालगाड़ियां ईडीएफसी पर चलती रहें. हालांकि, भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी है और केवल कुंभ मेला के दौरान यातायात की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए की गई है.
रेलवे बोर्ड के सूचना और प्रचार कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र से गुजरने वाला रेलवे नेटवर्क भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है. स्थिति पर सीनियर अधिकारियों की ओर से हर घंटे निगरानी की जा रही है.
ईडीएफसी का रूट
ईडीएफसी का रूट प्रयागराज, कानपुर, इटावा, फिरोजाबाद, टूंडला, अलीगढ़, हापुड़, मेरठ और सहारनपुर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों को बायपास करता है. इसके लिए कई जंक्शन बनाए गए हैं, जहां से यातायात भारतीय रेलवे और ईडीएफसी के बीच हस्तांतरित किया जा सकता है.
2024 में न्यू खुर्जा जंक्शन से न्यू रेवाड़ी जंक्शन तक डीएफसी मार्ग का उद्घाटन हुआ, जिससे ईडीएफसी और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के बीच कनेक्टिविटी स्थापित हुई. जहां ईडीएफसी का काम पूरा हो चुका है, वहीं डब्ल्यूडीएफसी के 2025 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है. इससे उत्तरी भारत को जवाहरलाल नेहरू पोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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