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अब स्टॉक मार्केट में निवेश किया जा सकेगा मंदिर और ट्रस्टों का धन, एक शर्त के साथ यहां सरकार ने दी मंजूरी

Stock Market News: महाराष्ट्र सरकार ने मंदिरों और ट्रस्टों को 50% फंड म्यूचुअल फंड और बॉन्ड में निवेश की मंजूरी दी. निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने का नया नियम लाया गया.

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Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार ने 21 जुलाई 2025 से एक बड़े सुधार के तहत सार्वजनिक ट्रस्टों, जिसमें मंदिर, धार्मिक संस्थाएं, सामाजिक कल्याण संगठन और शैक्षणिक चैरिटी शामिल हैं, को अपनी कुल राशि का 50% तक म्यूचुअल फंड, बॉन्ड और इक्विटी बाजार में निवेश करने की अनुमति दे दी है. यह कदम दशकों पुरानी परंपरा को तोड़ता है, जहां ट्रस्ट केवल सावधि जमा (FD) और डाकघर योजनाओं जैसे सुरक्षित और पारंपरिक निवेश साधनों तक सीमित थे.

चैरिटी कमिश्नर का आदेश

महाराष्ट्र के चैरिटी कमिश्नर ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है, जो ट्रस्टों को अपने निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने की अनुमति देता है. इस नए नियम के तहत, ट्रस्ट अब म्यूचुअल फंड और बॉन्ड जैसे आधुनिक निवेश विकल्पों में पूंजी लगा सकते हैं. यह कदम ट्रस्ट फंड मैनेजमेंट को समकालीन निवेश रणनीतियों के साथ जोड़ते हुए उनकी पूंजी वृद्धि की क्षमता को बढ़ाने के लिए उठाया गया है. आदेश में अनुपालन निगरानी को भी सुनिश्चित किया गया है, ताकि निवेश जोखिम-मुक्त और पारदर्शी रहें.

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फंड का बेहतर उपयोग करने का मौका

इस सुधार से मंदिरों और अन्य धर्मार्थ ट्रस्टों को अपने फंड का बेहतर उपयोग करने का मौका मिलेगा. पहले ट्रस्टों के पास सीमित निवेश विकल्प होने के कारण उनकी पूंजी की वृद्धि धीमी थी. अब म्यूचुअल फंड और बॉन्ड में निवेश की अनुमति मिलने से वे अपने संसाधनों का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकेंगे. इससे न केवल उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, बल्कि सामाजिक और धार्मिक कार्यों के लिए भी अधिक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे.

निगरानी और पारदर्शिता पर रहेगा जोर

महाराष्ट्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि ट्रस्टों के निवेश पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. चैरिटी कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि निवेश की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. यह कदम ट्रस्टों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके फंड के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी महत्वपूर्ण है.

इस सुधार से अन्य राज्य भी सीख सकेंगे

महाराष्ट्र सरकार का यह निर्णय ट्रस्टों के लिए एक नई वित्तीय संभावना खोलता है. यह कदम न केवल ट्रस्टों की वित्तीय स्वायत्तता को बढ़ाएगा, बल्कि भारत के वित्तीय बाजार में उनकी सक्रिय भागीदारी को भी प्रोत्साहित करेगा. इस सुधार से अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिल सकती है.

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