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बेंगलुरु में लॉन्‍च हुआ Scrite App भारतीय स्क्रीनराइटिंग को दे रहा नया आयाम, लोगों को बड़ा फायदा

Indian Screenwriting: बेंगलुरु का स्क्राइट ऐप भारतीय स्क्रीनराइटिंग में क्रांति ला रहा है. 11 भारतीय भाषाओं में समर्थन, किफायती कीमत और लचीली लेखन शैली के साथ यह फिल्म निर्माताओं का पसंदीदा बन रहा है.

Scrite App: bangalore
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Scrite App: भारत की टेक कैपिटल कही जाने वाली बेंगलुरु ने स्क्राइट ऐप के रूप में Make in India पहल को एक नया आयाम दिया है. यह स्वदेशी स्क्रीनराइटिंग ऐप, जिसे प्रशांत उदुपा, पुनीत ठक्कर और सूर्या वशिष्ठ ने विकसित किया, भारतीय फिल्म उद्योग में क्रांति ला रहा है. 2020 में लॉन्च हुआ स्क्राइट, 11 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में लेखन का समर्थन करता है, जो इसे फाइनल ड्राफ्ट और सेल्टिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय सॉफ्टवेयर से अलग बनाता है. रक्षित शेट्टी, राज बी. शेट्टी और अभया सिम्हा जैसे फिल्म निर्माताओं ने इसकी प्रशंसा की है.

स्क्राइट की सबसे बड़ी खासियत इसकी लचीलापन और भारतीय भाषाओं के लिए समर्थन है. प्रशांत उदुपा, जिन्होंने 2002 से विभिन्न क्षेत्रों में ऐप्स विकसित किए, ने बताया कि पारंपरिक सॉफ्टवेयर रैखिक लेखन पर केंद्रित हैं, जो भारतीय लेखकों की गैर-रैखिक शैली के अनुकूल नहीं. स्क्राइट लेखकों को दृश्यों को इंडेक्स कार्ड्स पर व्यवस्थित करने और कहानी की संरचना को समयरेखा पर देखने की सुविधा देता है. कन्नड़ फिल्म निर्माता अभया सिम्हा ने कहा, “स्क्राइट ने मुझे कन्नड़ में भावनाओं को व्यक्त करने की आजादी दी, बिना अनुवाद या अतिरिक्त प्रारूपण के.”

फिल्म उद्योग में बढ़ती लोकप्रियता

स्क्राइट ने 30,000 से अधिक पंजीकृत और 10,000 गैर-पंजीकृत उपयोगकर्ताओं को आकर्षित किया है. मलयालम फिल्म ‘फुटेज’ और गुजराती फिल्म ‘वश 2’ जैसी परियोजनाएं इस ऐप पर लिखी गईं. बॉलीवुड के लेखक मयूर पुरी ने अपने निर्देशन की पहली फिल्म ‘लफीक’ को स्क्राइट पर लिखा, जो कान्स में प्रदर्शित हुई. मलयालम लेखिका टीना थॉमस ने कहा, “यह ऐप भारतीय लिपियों को बिना किसी गड़बड़ी के प्रदर्शित करता है, जो इसे किफायती और उपयोगी बनाता है.”

स्क्राइट: शुरुआत से अब तक

स्क्राइट की शुरुआत मुफ्त बीटा संस्करण के साथ हुई और अब यह 249 रुपये मासिक से 1,999 रुपये वार्षिक तक की सदस्यता मॉडल पर काम करता है. उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया के आधार पर इसमें निरंतर सुधार किए जा रहे हैं, जैसे कि संरचना टूल और प्री-प्रोडक्शन सुविधाएं. यह ऐप न केवल लेखकों को बेहतर लेखन का अवसर देता है, बल्कि भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर ले जाने में भी योगदान दे रहा है.

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