केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह. (फाइल फोटो)
Reservation Policy in India: मोदी सरकार ने 2016 से अब तक केंद्रीय सेवाओं में 4.8 लाख बैकलॉग रिक्तियों को भरने में उल्लेखनीय प्रगति की है. केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक) जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि रिक्तियों को भरना, विशेष रूप से आरक्षित श्रेणियों की बैकलॉग रिक्तियों को, एक सतत प्रक्रिया है. इस दिशा में सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं ताकि आरक्षित वर्गों को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिल सके.
भर्ती अभियान, समिति का गठन
जितेंद्र सिंह ने बताया कि सभी मंत्रालयों और विभागों को बैकलॉग रिक्तियों की पहचान के लिए एक आंतरिक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं. यह समिति रिक्तियों के कारणों का अध्ययन करती है और उन्हें दूर करने के उपाय सुझाती है. इसके साथ ही, विशेष भर्ती अभियानों के माध्यम से इन रिक्तियों को समयबद्ध तरीके से भरने के प्रयास किए जा रहे हैं. प्रत्येक मंत्रालय को एक उप सचिव स्तर या उससे ऊपर के अधिकारी को संपर्क अधिकारी के रूप में नियुक्त करने और आरक्षण संबंधी आदेशों के पालन के लिए एक विशेष आरक्षण प्रकोष्ठ स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया है.
आरक्षण नीति का पालन
मंत्री ने बताया कि केंद्रीय सरकार की सेवाओं में खुली प्रतियोगिता के आधार पर सीधी भर्ती में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27%, अनुसूचित जाति (SC) के लिए 15%, और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 7.5% आरक्षण प्रदान किया जाता है. पदोन्नति में SC और ST के लिए क्रमशः 15% और 7.5% आरक्षण है, जबकि दिव्यांगजनों (PwD) के लिए सीधी भर्ती और पदोन्नति में 4% आरक्षण का प्रावधान है. यह सुनिश्चित करता है कि आरक्षित वर्गों को उचित अवसर मिलें.
समयबद्ध भर्ती पर जोर
जितेंद्र सिंह ने कहा कि मंत्रालयों और विभागों को रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने के लिए बार-बार सलाह दी जाती है. विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2016 से अब तक 4.8 लाख बैकलॉग रिक्तियों को भरा गया है. यह कदम न केवल सरकारी सेवाओं में समावेशिता को बढ़ावा देता है, बल्कि सामाजिक न्याय को भी सुनिश्चित करता है.
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